विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर 2026 को सर मदनलाल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल (एसएमजीआई), कंधनी, इटावा में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बीएससी नर्सिंग के पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने शैक्षिक नाट्य प्रस्तुतियों (रोल प्ले) के माध्यम से विभिन्न मानसिक विकारों के लक्षण, उनके प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक बीमारियों से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को कम करना तथा लोगों में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मेनिया, सिजोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर जैसे महत्वपूर्ण मानसिक स्वास्थ्य विषयों पर आधारित रोल प्ले प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से मानसिक विकारों से जुड़े लक्षणों, व्यवहार में होने वाले बदलावों और उचित देखभाल की आवश्यकता को सरल एवं सहज तरीके से समझाने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के जरिए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेना आवश्यक है और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उचित जानकारी तथा विशेषज्ञ की सहायता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।
मेनिया पर आधारित प्रस्तुति में मानसिक स्थिति और व्यवहार में असामान्य बदलावों के प्रति जागरूकता पर जोर दिया गया। वहीं, सिजोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर से संबंधित रोल प्ले के माध्यम से इन स्थितियों को समझने तथा प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने इन विषयों को नाट्य रूप में प्रस्तुत कर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जटिल जानकारियों को आम लोगों के लिए अधिक सहज और समझने योग्य बनाने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने की आवश्यकता भी प्रमुखता से सामने आई। समाज में आज भी मानसिक बीमारियों को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं मौजूद हैं, जिसके कारण प्रभावित व्यक्ति अपनी परेशानी साझा करने या उपचार लेने में संकोच कर सकते हैं। ऐसे में लोगों को सही जानकारी देना और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण विकसित करना आवश्यक है। मानसिक परेशानी को कमजोरी मानने के बजाय स्वास्थ्य से जुड़ा विषय समझकर उचित सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
नर्सिंग शिक्षा के दृष्टिकोण से भी इस प्रकार की गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं। नर्सिंग विद्यार्थियों को मरीजों की शारीरिक आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी मानसिक और भावनात्मक स्थिति को समझने की भी जरूरत होती है। शैक्षिक रोल प्ले के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विषयों को व्यावहारिक रूप में समझने, संवाद कौशल विकसित करने और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का अवसर मिलता है। इस तरह की गतिविधियां भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान मरीजों के साथ बेहतर संवाद और सहयोगपूर्ण व्यवहार अपनाने में सहायक हो सकती हैं।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करने और इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसका मुख्य संदेश यह है कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। मानसिक परेशानियों को समय रहते पहचानना, जरूरत पड़ने पर योग्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना और परिवार तथा समाज से सहयोग प्राप्त करना व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है।
एसएमजीआई, कंधनी में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर चर्चा करने, गलत धारणाओं को दूर करने और प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सकारात्मक व्यवहार अपनाने का संदेश दिया। बीएससी नर्सिंग पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत मेनिया, सिजोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर पर आधारित शैक्षिक रोल प्ले ने मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं को समझने तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया।
दोहराव घटाकर खबर कसेंस्थानीय अखबारी शैली और धार देंशीर्षक को अधिक आकर्षक बनाएं
