प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति का सामना करने वाले किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कृषि निवेश अनुदान वितरित किया गया। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से बाढ़, अतिवृष्टि एवं चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के नौ लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए कुल 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित की। इसी कार्यक्रम के क्रम में जनपद इटावा में भी फसल क्षति से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इटावा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सदर विधायक सरिता भदौरिया ने करीब 168 पात्र किसानों को कुल 7.52 लाख रुपये की सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। इस सहायता का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसल खराब होने से किसानों को हुई आर्थिक क्षति के प्रभाव को कम करना और उन्हें खेती-किसानी से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद देना है। फसल नुकसान के बाद किसानों के सामने अगली फसल की तैयारी, बीज और खाद की व्यवस्था तथा अन्य कृषि संसाधन जुटाने जैसी चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में कृषि निवेश अनुदान किसानों को इन जरूरतों को पूरा करने में सहारा प्रदान कर सकता है।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद इटावा में प्राकृतिक आपदा के कारण तहसील सदर के आठ गांवों और तहसील ताखा के दो गांवों में फसल क्षति हुई है। इस प्रकार जिले की कुल 10 गांवों में लगभग 40 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में पात्र किसानों को शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार कृषि निवेश अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। सहायता वितरण की प्रक्रिया के तहत पात्रता और अनुमन्य सहायता के आधार पर किसानों तक राहत पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है।
प्राकृतिक आपदा के चलते फसल को नुकसान होने से किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। खेती में पहले से किए गए निवेश के बावजूद उत्पादन प्रभावित होने पर किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। कृषि निवेश अनुदान के माध्यम से किसानों को बीज, खाद और अन्य आवश्यक कृषि सामग्री की व्यवस्था करने में मदद मिल सकेगी। इससे उन्हें फसल क्षति से उत्पन्न कठिनाइयों से उबरने और आगामी कृषि कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन ने शासन की मंशा के अनुरूप प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित पात्र किसानों को नियमानुसार राहत सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की है। प्रशासन की ओर से सहायता वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान अनुमन्य सहायता से वंचित न रहे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों के स्तर पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर किसानों को राहत उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।
प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि हस्तांतरित किए जाने के साथ ही जनपद स्तर पर प्रभावित किसानों को राहत देने की कार्रवाई की गई। इटावा में 168 किसानों के लिए 7.52 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत वितरण के रूप में सामने आई है। यह राशि उन किसानों के लिए उपयोगी होगी, जिनकी फसल प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से पात्रता के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी रखने की बात कही गई है।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विपिन कुमार, उपजिलाधिकारी सदर, आपदा विशेषज्ञ अवनीश दुबे, नायब तहसीलदार सदर श्री विपिन मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी और प्रभावित कृषक उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों को सहायता वितरण से संबंधित प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
जिला प्रशासन के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। कृषि निवेश अनुदान के जरिए किसानों को हुए नुकसान के बीच खेती से जुड़े जरूरी संसाधन जुटाने में मदद देने का प्रयास किया जा रहा है। जिले के प्रभावित गांवों में पात्र किसानों तक राहत पहुंचाने की यह कार्रवाई किसानों को आगामी फसल की तैयारी में आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
