सैफई/इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई द्वारा देश को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के श्वसन चिकित्सा विभाग की ओर से “टीबी मुक्त भारत” अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र में विशेष आउटरीच जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक करते हुए समय पर जांच, उपचार और बचाव के लिए प्रेरित करना था।

अभियान के दौरान श्वसन चिकित्सा विभाग की चिकित्सकीय टीम गांवों में घर-घर पहुंची और लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच प्रक्रिया, उपचार व्यवस्था तथा इससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। चिकित्सकों ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी, बुखार, रात में अत्यधिक पसीना आना, वजन कम होना, भूख में कमी या बलगम में खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क कर जांच कराएं।
चिकित्सकीय टीम ने बताया कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। यदि मरीज समय पर जांच कराकर नियमित रूप से दवाओं का सेवन करे तो वह पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। इसके साथ ही लोगों को पौष्टिक आहार लेने, स्वच्छता बनाए रखने तथा टीबी रोगियों के प्रति भेदभाव और सामाजिक कलंक से बचने का संदेश भी दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि समाज में फैली भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करना भी टीबी उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह जनजागरूकता अभियान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह तथा प्रति-कुलपति एवं श्वसन चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. आदेश कुमार के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान में डॉ. आशीष कुमार गुप्ता, डॉ. आदित्य कुमार गौतम, डॉ. प्रशांत यादव और डॉ. नम्रता सहित विभाग के अन्य चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। टीम ने ग्रामीणों के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें टीबी से संबंधित आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। इसी सोच के साथ UPUMS सैफई लगातार जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचा रहा है।
अभियान के दौरान चिकित्सकों ने लोगों से अपील की कि वे टीबी के लक्षणों को पहचानें, समय पर जांच कराएं और उपचार का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिकों और समुदाय की सक्रिय सहभागिता से ही “टीबी मुक्त भारत” के सपने को साकार किया जा सकता है।
