ताखा। गांव बेलाहर में सरकारी नाली की जमीन पर कब्जे के चलते जलनिकासी बाधित होने से करीब 30 परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाली बंद होने के कारण घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इससे लोगों के घरों के सामने जलभराव और गंदगी की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण मोहल्ले में रहना और आवागमन करना मुश्किल हो गया है।
गांव निवासी गोपाल कृष्ण त्रिपाठी ने शिकायत करते हुए बताया कि गांव में गाटा संख्या 1877 में सरकारी नाली की जमीन दर्ज है। आरोप है कि इस जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है, जिसके चलते नाली बंद हो गई है। नाली का रास्ता अवरुद्ध होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी आगे नहीं जा पा रहा है और मोहल्ले में ही जमा हो रहा है।
जलभराव के कारण करीब 30 परिवार प्रभावित हैं। लोगों को घरों के सामने जमा गंदे पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। गंदगी और दूषित पानी जमा होने से मोहल्ले के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत मिलने के बाद राजस्व निरीक्षक रामगोपाल और क्षेत्रीय लेखपाल पंकज गुप्ता मौके पर पहुंचे। राजस्व टीम ने सरकारी नाली की जमीन की पैमाइश की और मौके की स्थिति का निरीक्षण किया। टीम की ओर से नाली की जमीन को कब्जामुक्त कराकर जलनिकासी बहाल कराने का प्रयास किया गया।
हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों के विरोध के चलते नाली को कब्जामुक्त नहीं कराया जा सका। विरोध के कारण राजस्व टीम को बिना समस्या का समाधान किए वापस लौटना पड़ा। इससे ग्रामीणों में निराशा है और उन्होंने नाली को जल्द कब्जामुक्त कराकर जलनिकासी व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है।
राजस्व निरीक्षक रामगोपाल ने बताया कि शिकायत के बाद मौके पर पहुंचकर सरकारी नाली की जमीन की पैमाइश की गई थी। उन्होंने बताया कि फिलहाल शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन स्तर से आगे की कार्रवाई कर सरकारी नाली को कब्जामुक्त कराया जाएगा और जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
