इटावा। आगामी त्योहारों को देखते हुए आतिशबाजी के निर्माण, परिवहन, भंडारण एवं विक्रय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में आतिशबाजी के लाइसेंसधारियों के साथ सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्थाओं और निर्धारित नियमों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आतिशबाजी से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि आतिशबाजी के भंडारण और विक्रय में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर घटना का कारण बन सकती है। इसलिए सभी लाइसेंसधारी निर्धारित सुरक्षा मानकों और संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। आतिशबाजी का भंडारण केवल निर्धारित एवं स्वीकृत स्थान पर ही किया जाए तथा लाइसेंस में निर्धारित क्षमता से अधिक स्टॉक किसी भी स्थिति में न रखा जाए। उन्होंने कहा कि भंडारण स्थल के आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उसके नजदीक घनी आबादी, बस्ती, विद्यालय या कोई अन्य संवेदनशील स्थल न हो।
उन्होंने आतिशबाजी की दुकानों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए। दुकानों पर अग्निशमन यंत्र, पानी और रेत आदि की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखने को कहा गया। साथ ही दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने तथा विद्युत तारों, ज्वलनशील पदार्थों और आग के अन्य स्रोतों से आतिशबाजी को सुरक्षित दूरी पर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतिशबाजी की दुकानों और भंडारण स्थलों पर धूम्रपान तथा किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ के उपयोग पर पूरी तरह रोक रहे।
जिलाधिकारी ने आतिशबाजी के निर्माण को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी का निर्माण और उससे संबंधित अन्य गतिविधियां केवल चिन्हित एवं निर्धारित स्थलों पर ही लाइसेंस में निर्धारित मानकों के अनुसार की जाएं। पूर्व में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार निर्माण स्थल पर ही दुर्घटनाएं सामने आती हैं, इसलिए निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है।
उन्होंने आतिशबाजी के परिवहन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए। कहा कि आतिशबाजी का परिवहन सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से न किया जाए और परिवहन के दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। आतिशबाजी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते समय किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और संबंधित नियमों के अनुसार ही परिवहन किया जाए।
बैठक में अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने लाइसेंसधारियों को आग से बचाव के संबंध में आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतिशबाजी के भंडारण स्थल पर पानी से भरा ड्रम उपलब्ध रहना चाहिए। साथ ही वहां लगाए गए अग्निशमन उपकरणों को संचालित करने का व्यावहारिक ज्ञान संबंधित व्यक्तियों को होना जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने यह भी बताया कि लाइसेंस में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही आतिशबाजी का स्टॉक रखा जाए और स्टॉक का नियमित रूप से अद्यतन रिकॉर्ड तैयार किया जाए। दुकान, भंडारण या निर्माण स्थल पर कार्य करने वाले श्रमिकों तथा वहां आने वाले ग्राहकों को बीड़ी, सिगरेट अथवा अन्य किसी ज्वलनशील पदार्थ के सेवन से पूरी तरह रोका जाए। उन्होंने सुरक्षा नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की बात कही।
जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी लाइसेंसधारियों से एक-एक करके उनकी सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने आतिशबाजी के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय के दौरान अपनाई जा रही सावधानियों के बारे में जानकारी प्राप्त की और जहां आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी के कार्य में लगाए जाने वाले श्रमिकों को काम शुरू करने से पहले आवश्यक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि श्रमिकों से कार्य प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण एवं निगरानी में ही कराया जाए। श्रमिकों को आग से बचाव, आतिशबाजी के सुरक्षित रखरखाव और आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। लाइसेंसधारियों को भी अपने प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच करते रहने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग आतिशबाजी की खरीदारी करते हैं, ऐसे में दुकानदारों और लाइसेंसधारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर ही आतिशबाजी का कारोबार किया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने सभी लाइसेंसधारियों से प्रशासन को सहयोग प्रदान करने की अपील की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, आईएएस कोमल पुनिया, एसपी ग्रामीण, समस्त उप जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, अग्निशमन अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और आतिशबाजी लाइसेंसधारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और आतिशबाजी से संबंधित सभी गतिविधियों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया।
