इटावा। गांधी जयंती के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विशेष विधिक जागरूकता अभियान सप्ताह के अंतर्गत दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में पाक्सो एक्ट-2012 विषय पर एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों, उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम का आयोजन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रजत सिंह जैन तथा सचिव आरती द्विवेदी के निर्देशन में किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को पाक्सो अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को यौन उत्पीड़न, शोषण एवं अन्य लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि पाक्सो एक्ट के तहत किसी भी बच्चे के साथ किए गए यौन अपराधों के मामलों में कठोर दंड का प्रावधान है। अपराध की गंभीरता के अनुसार दोषियों को तीन वर्ष के कारावास से लेकर आजीवन कारावास तथा कुछ मामलों में मृत्यु दंड तक की सजा दी जा सकती है। उन्होंने बच्चों को कानून की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या उत्पीड़न को छिपाने के बजाय तत्काल इसकी सूचना देनी चाहिए।
एडीजे आलोक कुमार श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसी बच्चे को महसूस होता है कि कोई व्यक्ति उसे परेशान कर रहा है, उसके साथ अनुचित व्यवहार कर रहा है, उसकी अश्लील तस्वीरें या वीडियो प्रसारित कर रहा है अथवा ऐसा करने की धमकी दे रहा है, तो उसे बिना किसी भय या संकोच के अपने माता-पिता, शिक्षक, विद्यालय प्रशासन या पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 जारी किया गया है, जहां शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी भी दी। बताया कि जरूरतमंद, पीड़ित एवं प्रभावित बच्चों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सहायता लेने का आह्वान किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या भावना सिंह ने मुख्य अतिथि आलोक कुमार श्रीवास्तव तथा पराविधिक स्वयंसेवक एवं अधिकार मित्र डॉ. ज्योति वर्मा का बुके एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कानूनों और उनके अधिकारों की जानकारी देना समय की आवश्यकता है, जिससे वे स्वयं को सुरक्षित रख सकें और किसी भी परिस्थिति में सही निर्णय ले सकें।
कार्यक्रम में अधिकार मित्र डॉ. ज्योति वर्मा, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्टाफ सदस्य तथा एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। जागरूकता शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने विषय से जुड़े प्रश्न भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को सुरक्षित वातावरण, कानूनी जागरूकता और आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों की रक्षा करने का संदेश दिया गया।
