इटावा। मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैंकर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (सीएम-युवा) एवं प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत बैंक स्तर पर लंबित ऋण पत्रावलियों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान विभिन्न बैंकों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरण पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए बैंक अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार जनपद के विभिन्न बैंकों में ऋण स्वीकृति एवं वितरण के लिए लगभग 325 पत्रावलियां लंबित पाई गईं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक में सर्वाधिक लगभग 141 प्रकरण लंबित मिले। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक में 24, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में 33 तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में लगभग 20 ऋण पत्रावलियां लंबित पाई गईं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में भी कई प्रकरण बैंक स्तर पर लंबित मिले, जिन पर मुख्य विकास अधिकारी ने विशेष चिंता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत भी बैंकवार प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में लंबित मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। इसलिए इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की किसी भी शाखा से प्रतिनिधि के उपस्थित न होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में सभी बैंक शाखाओं की बैठक में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और योजनाओं की प्रगति के प्रति गंभीरता दिखाई जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का उद्देश्य युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा नए उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना आम नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए सहायता प्रदान करती है। इन योजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और ऊर्जा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित ऋण पत्रावलियों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक विलंब के ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने स्वरोजगार और उद्यम संबंधी कार्यों को समय पर शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि ऋण वितरण में देरी से योजनाओं के उद्देश्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और लाभार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सीडीओ ने यह भी निर्देशित किया कि बैंक स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध निस्तारण से जनपद की योजनागत प्रगति एवं रैंकिंग में सुधार होगा और अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने तथा जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए गंभीरता से कार्य करने का आह्वान किया।
