लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में चयनित अभ्यर्थियों के लिए मंगलवार को नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित 3,567 प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता (PGT) एवं सहायक अध्यापक (TGT) अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। नियुक्ति-पत्र मिलने के साथ ही चयनित अभ्यर्थियों के लंबे समय से चल रहे इंतजार का भी अंत हुआ।

मुख्यमंत्री ने नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले सभी नवचयनित अभ्यर्थियों एवं उनके परिजनों को बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा में पाठ्यक्रम पढ़ाने अथवा उसे निर्धारित समय में पूरा कराने तक सीमित नहीं है। शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने और उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में प्रत्येक शिक्षक को अपने दायित्व को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निभाना चाहिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम को समाप्त करना नहीं है, बल्कि छात्र-छात्राओं को हर प्रकार की नकारात्मकता से बचाकर उनका सर्वांगीण विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के लिए केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार, अनुशासन और भविष्य की नींव तैयार करने का महत्वपूर्ण केंद्र है। शिक्षक अपने आचरण और मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकते हैं।
उन्होंने नवचयनित शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के रूप में विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ प्रवक्ता और सहायक अध्यापक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिए जाने के बीच चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरण को शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ सकारात्मक सोच, अनुशासन, जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकार की भावना विकसित करना भी शिक्षक के दायित्व का हिस्सा है। उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों में ऐसा वातावरण तैयार करें, जिसमें विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ सकें और प्रदेश तथा देश के विकास में अपना योगदान दे सकें।
नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों के चेहरों पर भी खुशी देखने को मिली। नियुक्ति मिलने के बाद अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को बड़ी संख्या में नए प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और शिक्षक प्राप्त हुए हैं, जिससे विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत में सभी नवचयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि नवनियुक्त शिक्षक अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
