ऊसराहार। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में सोमवार को महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली। पुरैला गांव की जमीन अधिग्रहण एवं सर्किल रेट को लेकर जिला प्रशासन और किसानों के बीच हुई बैठक में किसानों की मांगों पर गंभीरता से चर्चा की गई।
बैठक में एडीएम संदीप श्रीवास्तव एवं एसडीएम श्वेता मिश्रा ने किसानों से वार्ता की। इस दौरान किसान एडवोकेट शिवप्रताप सिंह, सुमित कुमार दुबे, रघुवीर नारायण दुबे, स्वतंत्र कुमार दुबे, बृजेश कुमार, शैलेंद्र सिंह दोहरे, हरबंस सिंह राठौर, कुंवर सिंह राठौर, मुलायम सिंह यादव एवं ठाकुर कमल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी कि पुरैला गांव की जमीन का सर्किल रेट पड़ोसी गांव कुदरैल के बराबर किया जाए। किसानों का कहना था कि दोनों गांव एक ही बेल्ट में स्थित हैं और एक्सप्रेसवे परियोजना का हिस्सा हैं, इसलिए मुआवजे की दरों में अंतर नहीं होना चाहिए।
किसानों की बात सुनने के बाद एसडीएम श्वेता मिश्रा ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए बताया कि प्रशासन किसानों की मांग से सहमत है और सर्किल रेट बढ़ाने के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। एडीएम संदीप श्रीवास्तव ने भी किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी किसान का नुकसान न हो।
बैठक में उम्मीद जताई गई कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर शासन स्तर से इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को क्षेत्रीय विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि शासन द्वारा सर्किल रेट बढ़ाने को मंजूरी मिल जाती है, तो पुरैला गांव के किसान स्वेच्छा से भूमि देने को तैयार हो जाएंगे। इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और एक्सप्रेसवे निर्माण में आ रही बाधाएं दूर हो सकेंगी।
बैठक के बाद किसानों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और अब सभी की निगाहें शासन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं
