इटावा, 09 मई 2026। कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में डीएफओ विकास नायक की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति, वृक्षारोपण समिति एवं पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की।
बैठक के दौरान डीएफओ ने एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की प्रगति की समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले 8-9 महीनों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि एसटीपी अभी तक संचालित नहीं हो रही है और बिना शोधन का अपशिष्ट जल सीधे यमुना नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आउटलेट का सैंपल लेकर जांच कराने के निर्देश दिए ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

उन्होंने नदी में बहाए जा रहे ठोस अपशिष्ट की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा नगर निगम को यमुना किनारे फैले कूड़े-कचरे की शीघ्र सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु निकट है और समय रहते सफाई नहीं होने पर कचरा नदी में बह जाएगा, जिससे प्रदूषण और बढ़ेगा।
बैठक में एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) केंद्रों की भी समीक्षा की गई। डीएफओ ने पूछा कि क्या सभी एमआरएफ केंद्र संचालित हो रहे हैं। भरथना क्षेत्र के संबंध में नगर निगम के अधिशासी अधिकारी को सभी एमआरएफ केंद्रों का संचालन सुनिश्चित करने तथा बाईपास क्षेत्र में फैले कचरे की सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा करते हुए डीएफओ ने कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य आवंटित किए जा चुके हैं। जहां वृक्षारोपण किया जाना है वहां भूमि चिन्हित कर सिंचाई एवं पौधों की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग को किसी एक सड़क का चयन कर ट्री गार्ड के साथ वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए तथा विशेष रूप से इमली के अधिक पौधे लगाने पर जोर दिया।
डीएफओ ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण पौधों का रोपण करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है और पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
बैठक में नगर निगम परिषद के अधिशासी अधिकारी श्याम बचन सरोज, एआरटीओ प्रदीप देशमणि सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
