जनपद में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए शादी अनुदान योजना शुरू कर दी गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल ने बताया कि इस योजना के तहत प्रति शादी 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इच्छुक लाभार्थी शादी की तिथि से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक ऑनलाइन पोर्टल https://shadianudan.upsdc.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं।
पात्रता की शर्तें
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये से अधिक नहीं है। विवाह के समय लड़की की आयु कम से कम 18 वर्ष तथा वर की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आवेदकों को तहसील से जारी ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र का क्रमांक देना होगा।
इसके अतिरिक्त, पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला या दिव्यांग आवेदकों को वरीयता दी जाएगी। एक परिवार की अधिकतम दो पुत्रियों को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों को अपने दस्तावेजों की हार्डकॉपी ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक कार्यालय तथा शहरी क्षेत्र में तहसील में जमा करनी होगी। लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से धनराशि भेजी जाएगी, जिसके लिए आधार सीडिंग अनिवार्य है।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और शादी अनुदान योजना में से किसी एक का ही लाभ लिया जा सकता है। साथ ही, पिछले वित्तीय वर्ष की लंबित मांग पर चालू वित्तीय वर्ष में अनुदान देय नहीं होगा।
जिला समाज कल्याण विभाग ने पात्र लाभार्थियों से समय से आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
