बकेवर:- गुरुवार की सुबह आए तूफान व तेज मूसलाधार बारिश से जहां बकेवर नगर को 132 केवीए टकरुपुर ट्रान्समिशन लाइन से जाने बाली 33 केवीए विधुत लाइन पर फाल्ट आने के बाद देर शाम तक फाल्ट सही न होने से बिजली की आपूर्ति पूरे दिन से ठप्प होने नगर की पेयजल आपूर्ति का बुरा हाल हुआ। लोगों के इनवर्टर भी बैठ गये, वहीं लोगों को गर्मी में बिजली आपूर्ति न होने से लोगों को खासी परेशानी रही। वहीं लखना नगर की विजली आपूर्ति को प्रभारी अवर अभियन्ता व उनकी लाइनमैन टीम ने पैट्रोलिंग करके दोपहर 1 बजे आपूर्ति को फाल्टों को जगह जगह सही कराकर व टूटे पेडों को हटवाकर विधुत व्यवस्था को बहाल कराया। जिससे लोगों ने गर्मी में राहत की सांस ली।

बकेवर विधुत सब स्टेशन की आपूर्ति 132 केवीए टकरुपुर ट्रान्समिशन लाइन से आती है। सुबह 8 बजे आई तेज तूफान के साथ मूसलाधार बारिश से बीहड़ में 33केवीए लाइन फाल्ट हो गयी जिसको एसडीओ बकेवर संतकुमार के नेतृत्व में अवर अभियन्ता आशीष कुमार के द्वारा लाइनमैन टीम के साथ पहुंचकर लाइन की पैट्रोलिंग की गयी इसके बाद लाइन पर पेडों के गिरने से हुए फाल्टों से विधुत आपूर्ति बकेवर सब स्टेशन तक न पहुंचने से नगर व देहात की आपूर्ति 7 घंटे से ठप्प पडी हुई है।

जिसको सही करने के लिए टीम द्वारा काम लगातार किया जा रहा है। वहीं अवर अभियन्ता बकेवर आशीष कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि टकरुपुर से बकेवर आने बाली 33केवीए लाइन पर 10-12 जगह पेडों व टहनियों के गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त है। देर रात तक वह ही सही हो पायेगी इसके बाद फिर बकेवर नगर व देहात के में टूटे पोलों को देखा जाए तब कहीं आपूर्ति चालू होने की सम्भावना है।

वहीं इसी तरह नगर लखना में भी सुबह से ही आपूर्ति ठप्प हुई लेकिन प्रभारी अवर अभियन्ता नरदेव सिंह गौतम की देखरेख में लाइनमैन टीम के साथ पैट्रोलिंग करके लाइन को सही करके नगर लखना की विधुत आपूर्ति 5 घंटे में बहाल कर दी। लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं ग्रामीण इलाके में विधुत पोलों के टूटने तो कुछ स्थानों पर ट्रान्सफार्मर गिरने के अलाबा पेड की टहनियां लाइन पर पडी होने से आपूर्ति बाधित बनी हुई है। इसको भी लाइनमैन टीम सही करने में जुटे हुए हैं। शीघ्र ही देहात की आपूर्ति भी बहाल होगी। वहीं बकेवर लखना सब स्टेशन से जुड़े गांवों में पोल टूटने व ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने का सर्वे कराया जा रहा है। जिससे उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा सके। और लाइनों को दुरस्त करने का काम कराया जा सके।
