रियाद/तेहरान। ईरान और अमेरिका–इजरायल के बीच जारी युद्ध अब खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने सऊदी अरब, कुवैत और कतर की तेल और गैस सुविधाओं पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई इजरायल द्वारा ईरान के ‘साउथ पार्स’ गैस फील्ड पर किए गए हमले के जवाब में की गई। ईरान ने सऊदी अरब के पश्चिमी तट पर स्थित यानबू बंदरगाह और वहां स्थित SAMREF रिफाइनरी को निशाना बनाया, जो सऊदी अरामको और एक्सॉनमोबिल का संयुक्त उपक्रम है।
गुरुवार सुबह ईरानी ड्रोनों ने यानबू स्थित रिफाइनरी पर हमला किया। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एक ड्रोन रिफाइनरी परिसर में गिरा, जिससे वहां भीषण आग लग गई। हालांकि शुरुआती तौर पर अधिकारियों ने नुकसान को “सीमित” बताया, लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में रिफाइनरी से उठती आग की लपटें और काला धुआं साफ दिखाई दे रहा है।
इससे पहले बुधवार रात को ईरान ने राजधानी रियाद पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि मिसाइलों के मलबे के गिरने से शहर में दहशत का माहौल बन गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों से खाड़ी क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ने की आशंका है।
