आगामी ईद-उल-फितर एवं चैत्र नवरात्रि के दृष्टिगत कानून एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लाइन सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से की।
बैठक में विभिन्न धर्मों के गुरु, महंत, मौलवी एवं नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने जनपदवासियों से दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश देते हुए कहा कि मंदिरों और मस्जिदों पर साफ-सफाई, बिजली एवं पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, किसी भी नई परंपरा को लागू न करने और ईद की नमाज मस्जिद के अंदर ही अदा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने छुट्टा गोवंश को लेकर नगर पालिका को निर्देशित किया कि उन्हें पकड़कर नजदीकी गौशालाओं में भेजा जाए। विद्युत विभाग को तारों को ऊंचा कराने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई दुर्घटना न हो। जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर नमाज तीन शिफ्ट में कराई जा सकती है और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
साथ ही स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा डीजे साउंड को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए।
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए पहले से ही पुलिस बल की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अभिनव रंजन श्रीवास्तव, अभयनाथ त्रिपाठी, राजेन्द्र बहादुर, विक्रम सिंह राघव, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्र, पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित, जिला विकलांग एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक जाटव, ईदगाह कमेटी के सेक्रेटरी हाजी चांद मंसूरी, झूलेलाल मंदिर के सचिव हरि सिंधी, हाजी शहंशाह वारसी, मु. आफताब सहित विभिन्न मंदिरों के पुजारी, मौलाना एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
