चेन्नई। केंद्रीय संचार राज्य मंत्री Chandra Sekhar Pemmasani ने शुक्रवार को Chennai में आयोजित ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश के दूरदराज क्षेत्रों तक शासन और सेवाएं पहुंचाने में India Post की ऐतिहासिक भूमिका रही है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. पेम्मासानी ने ग्रामीण डाक सेवकों को “ग्रामीण भारत की धड़कन” बताया। उन्होंने कहा कि जीडीएस कर्मचारी देशभर में सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

उन्होंने कहा, “पत्रों से लेकर पार्सल तक, सरकारी योजनाओं से लेकर बैंकिंग सेवाओं तक और आधार से लेकर पासपोर्ट सेवाओं तक — आप हर गांव, हर गली और हर घर तक पहुंचते हैं। तेज धूप और मूसलाधार बारिश के बीच भी आप ग्रामीण भारत के लिए विश्वास की कड़ी और सेवा की मिसाल बने हुए हैं।”

मंत्री ने भारत में तेजी से बढ़ रहे ई-कॉमर्स क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इंडिया पोस्ट का पार्सल राजस्व 1,000 करोड़ रुपये से कम है, जबकि एक निजी कूरियर कंपनी लगभग 6,000 करोड़ रुपये का कारोबार कर रही है। उन्होंने कहा कि देश का लॉजिस्टिक्स बाजार करीब 10 अरब डॉलर (लगभग 90,000 करोड़ रुपये) का अवसर प्रदान करता है, जो वर्ष 2031 तक बढ़कर 20 अरब डॉलर (लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचने की संभावना है।
डॉ. पेम्मासानी ने डाक कर्मचारियों से इस अवसर का लाभ उठाने और इंडिया पोस्ट की सेवाओं को और मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि दशकों तक इंडिया पोस्ट देश में संचार की रीढ़ रहा है, जिसने कानूनी दस्तावेज, मनीऑर्डर, समाचार पत्र और पुस्तकें घर-घर पहुंचाकर समाज को जोड़े रखा। ग्रामीण क्षेत्रों में डाकिया अक्सर लोगों के लिए भरोसेमंद सहयोगी बनकर पत्र पढ़ने-लिखने में मदद करता रहा और गांवों को बाहरी दुनिया से जोड़ने का माध्यम बना।
