प्रदेश में गौ-संरक्षण व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनैतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने शुक्रवार को विकास खंड सैफई की ग्राम पंचायत वैदपुरा में संचालित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में कई गंभीर कमियां पाई गईं, जिस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि गौशाला में भूसा, दाना, पानी और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इसके साथ ही गौशाला परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी अत्यंत खराब मिली। इस संबंध में मौके पर मौजूद खंड विकास अधिकारी सैफई से स्थिति के बारे में जानकारी ली गई, लेकिन उनके द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका।

मंत्री धर्मपाल सिंह ने गौशाला संचालन में पाई गई लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि गौशालाओं में गौवंश की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार गौ-संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और गौवंश के भोजन, पानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी इटावा और पशु चिकित्सा अधिकारी सैफई के गौशाला स्थल पर देर से पहुंचने पर भी मंत्री ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी सैफई तथा पशु चिकित्सा अधिकारी सैफई के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत सचिव विवेक कुमार (ग्राम विकास अधिकारी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा ग्राम प्रधान मुन्नी देवी को 95-जी के अंतर्गत नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी की गई है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशाला की सभी व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए और गौवंश के लिए सुरक्षित, स्वच्छ तथा समुचित वातावरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो सके।
