बकेवर:-जनता कॉलेज बकेवर में आयोजित रोबर्स रेंजर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन रस्सी से विभिन्न प्रकार की गांठें लगाना, आपदा प्रबंधन प्राथमिक उपचार के प्रशिक्षण दिया गया। शिविर का वातावरण पूरे दिन अनुशासन, ऊर्जा, राष्ट्रप्रेम और सेवा-भाव से ओत-प्रोत रहा।इस विशेष अवसर पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से पधारे जिला संगठन आयुक्त (रोबर्स) प्रदीप कुमार त्यागी एवं सहायक प्रशिक्षक अभिषेक द्विवेदी ने विद्यार्थियों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों प्रकार का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रतिभागियों ने स्काउटिंग एवं गाइडिंग के मूल सिद्धांतों को न केवल समझा, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा भी प्राप्त की।
बकार्यक्रम का शुभारंभ पूर्ण अनुशासन के साथ ध्वज शिष्टाचार, झंडा गीत एवं प्रार्थना से हुआ। प्रारंभिक सत्र में प्रदीप कुमार त्यागी ने स्काउट–गाइड आंदोलन के इतिहास, उद्देश्य, प्रतिज्ञा, नियमों एवं संगठनात्मक संरचना पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्काउटिंग केवल शारीरिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों की स्थापना और जिम्मेदार नागरिकता की दिशा में एक सशक्त आंदोलन है।द्वितीय दिवस के व्यावहारिक सत्र में विद्यार्थियों को रस्सी के माध्यम से विभिन्न प्रकार की गांठें (जैसे स्क्वेयर नॉट, शीट बेंड, क्लोव हिच आदि) लगाना सिखाया गया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि ये गांठें आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, कैम्पिंग एवं दैनिक जीवन की अनेक परिस्थितियों में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती हैं। विद्यार्थियों ने अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया।इसके अतिरिक्त टोली प्रणाली के अंतर्गत समूह निर्माण कर विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल एवं समन्वय की भावना को विकसित किया गया। समूह प्रस्तुतीकरण, देशभक्ति गीत, लघु नाट्य मंचन एवं प्रेरक नारों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।शिविर में कुल 72 रोबर्स रेंजर्स प्रतिभागियों का उत्साह पूरे दिन देखने योग्य रहा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्राकृतिक जीवन शैली, आत्मनिर्भरता, साहस, आपसी सहयोग एवं सेवा-भावना के महत्व से भी अवगत कराया गया।कार्यक्रम में रेंजर्स प्रभारी डॉ. ज्योति भदौरिया, रोबर्स प्रभारी डॉ. नवीन अवस्थी, क्रीड़ा शिक्षिका श्रीमती मीनू त्रिपाठी, इंजीनियर अजित प्रताप अग्निहोत्री एवं श्री अनिल कुमार सहित अन्य शिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ की उपस्थिति रही।
