जनपद में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग एवं सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पुत्रियों का विवाह संपन्न कराया जाता है तथा उन्हें आर्थिक अनुदान प्रदान किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस योजना में निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग अभिभावक की पुत्री एवं स्वयं दिव्यांग कन्या को प्राथमिकता दी जाती है। प्रत्येक लाभार्थी पर कुल 1 लाख रुपये का व्यय किया जाता है, जिसमें से 60,000 रुपये की धनराशि सीधे कन्या के बैंक खाते में अंतरित की जाती है। इसके अतिरिक्त 25,000 रुपये की उपहार सामग्री प्रदान की जाती है तथा 15,000 रुपये विवाह आयोजन पर व्यय किए जाते हैं।
योजना के अंतर्गत उन्हीं कन्याओं का विवाह कराया जाता है जिनके माता-पिता की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम हो, कन्या की आयु 18 वर्ष से अधिक हो तथा वह जनपद की मूल निवासी हो।
आज आयोजित कार्यक्रम में कुल 14 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया, जिसमें 13 जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज से तथा अल्पसंख्यक वर्ग के 1 जोड़े का निकाह विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ विकास खंड बढ़पुरा के ब्लॉक प्रमुख गनेश राजपूत द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, खंड विकास अधिकारी बढ़पुरा तथा राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय कांधनी के प्रधानाचार्य सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम स्थल पर ही नवविवाहित जोड़ों को उपहार सामग्री प्रदान की गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए नवविवाहित जोड़ों को उनके सुखद दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
