ई-ग्रंथालय से जुड़ेगी जिला पुस्तकालय की सभी पुस्तकें, वार्षिक सदस्यता शुल्क बढ़ाकर ₹500 किया गया

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 जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में जिला पुस्तकालय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें पुस्तकालय की व्यवस्थाओं को आधुनिक एवं उपयोगी बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ई-ग्रंथालय पोर्टल पर पुस्तकालय की समस्त पुस्तकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाए, जिससे विद्यार्थी आसानी से पुस्तकों की खोज कर अपनी पढ़ाई सुगमता से कर सकें। संबंधित अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में सदस्यता हेतु ₹1000 की रिफंडेबल अमानत राशि तथा ₹100 वार्षिक शुल्क निर्धारित है। इस पर जिलाधिकारी ने वार्षिक सदस्यता शुल्क ₹100 से बढ़ाकर ₹500 किए जाने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने निर्देशित किया कि पुस्तकालय में उपलब्ध मासिक पत्रिकाओं का सर्वे कराया जाए, लंबे समय से अनुपयोगी पुस्तकों को नियमानुसार डिस्कार्ड किया जाए तथा नवीन एवं उपयोगी पुस्तकों को संग्रह में जोड़ा जाए। साथ ही पुस्तकालय को गूगल मैप पर पंजीकृत कराने और पुस्तक मेले का आयोजन कर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कई वर्षों से अनुपयोगी पड़ी सामग्री के निस्तारण हेतु समिति गठित की जाए। जो सामग्री मरम्मत योग्य हो उसकी मरम्मत कराई जाए तथा जो रिपेयर योग्य न हो उसकी नियमानुसार नीलामी कराई जाए। अधिकारियों ने अवगत कराया कि कार्यालय व्यय हेतु ₹20,800 का बजट उपलब्ध है, जिसे बचत करते हुए एसेट क्रिएशन में उपयोग किया जाएगा। लोगों की मांग एवं फंड की उपलब्धता के आधार पर नई पुस्तकों की खरीद भी सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने पुस्तक दान अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षकगण अपनी पढ़ी हुई व अनुपयोगी पुस्तकों को दान स्वरूप पुस्तकालय को उपलब्ध कराएं। पुस्तक दान करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कॉलेजों में आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों से भी पुरानी पुस्तकों के दान की अपील की जाएगी।

पुस्तकालय भवन की व्यवस्थाओं पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने टूटी-फूटी संरचनाओं की मरम्मत, चूहों, दीमक एवं सीलन से बचाव के उपाय, धूल-मुक्त वातावरण, रंगाई-पुताई, बेहतर प्रकाश व्यवस्था एवं नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही अच्छे प्रकाशकों के सहयोग से पुस्तक मेले, योग्य लेक्चरर्स द्वारा व्याख्यान एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन पर भी बल दिया।

उन्होंने प्रत्येक माह के अंत में पठन अभियान चलाने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप-3 बच्चों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। पुस्तकालय को दो पालियों में संचालित करने—प्रथम पाली प्रातः 10 बजे से अपराह्न 2 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक—और स्टाफ की ड्यूटी भी दो शिफ्टों में निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त पुस्तकालय में रिस्ट्रिक्टेड इंटरनेट सुविधा, इनवर्टर की व्यवस्था, रीडिंग हैबिट को बढ़ावा देने के विशेष प्रयास तथा छोटे बच्चों के लिए पृथक सेक्शन स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, डाइट प्राचार्य मनोज कुमार, ए0एम0ए0 जिला परिषद स्वाति जैन, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, आईटीआई प्रधानाध्यापक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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