बकेवर:- क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में नीलगायों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। दर्जनों के झुंड में घूम रही नीलगायें किसानों की महीनों की मेहनत पर पल भर में पानी फेर रही हैं। आलू, गेहूं, सरसों, चना, मटर समेत अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। हालात ऐसे हैं कि किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर कुछ ही समय में पूरी फसल बर्बाद कर देते हैं।
जयमलपुर,रम्पुरा चिकनी, मेघूपुर,नगला ख्याली सिंह, नगला धर्मपुर,सिगौली, नगला बरी, डेरा बंजारन, पृथ्वीरामपुर,नगला हीरे, चटोरपुर, हर्राजपुर, बरीपुरा,हलूपुरा घुघसीना आदि सहित आसपास के सैकड़ों गांव इस समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि नीलगायों की संख्या इतनी अधिक हो चुकी है कि उन्हें साधारण उपायों से रोक पाना अब संभव नहीं रह गया है।
खेतों में कांटेदार तार लगाना, रात में लाइट जलाना या शोर मचाना जैसे प्रयास भी बेअसर साबित हो रहे हैं। क्षेत्र के किसान राम कुमार, बबलू त्रिपाठी, शिव कुमार, सुरेंद बाबू,जगदीश कुमार, राम महेश, महेन्द्र सिंह ,राजकिशोर,,रामवीर, विनोद कुमार राम अवतार रामविलास, अखिलेश शैलेंद्र कुमार ने बताया कि फसलों पर बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च की गई पूंजी एक ही झटके में नष्ट हो जाती है। जिन खेतो में घुस जाते है उन खेतो में खड़ी बरवाद कर देते है। क्षेत्र के किसानों ने जिला अधिकारी इटावा से नीलगायों को पकडवाये जाने की मांग की है।
