उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस) के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह के अवसर पर विभागाध्यक्ष डा. पंकज कुमार जैन के मार्गदर्शन में एक माह तक चलने वाली जागरूकता गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित की गई।

इस अभियान के अंतर्गत स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के इंटर्न्स और रेजिडेंट्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर अपने रचनात्मक विचार प्रस्तुत किए।

**निर्णायक मंडल में**
डा. पुष्पेन्द्र सिंह (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फॉरेंसिक मेडिसिन), डा. विवेक आनंद ओझा (सहायक प्रोफेसर, बायोकैमिस्ट्री), डा. संदीप कुमार (प्रोफेसर), डा. एन. पी. सिंह (प्रोफेसर) शामिल रहे।
**विजेता प्रतिभागी:**
1️⃣ डा. दक्षिता सिंह (इंटर्न), 2️⃣ डा. दृष्टि भाटिया (इंटर्न), 3️⃣ डा. अक्षय गुप्ता (जे.आर.-3, कम्युनिटी मेडिसिन)
कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों और रेजिडेंट्स को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने अपने स्लोगनों के जरिए यह संदेश दिया कि —
“मानसिक स्वास्थ्य के लिए सहायता लेना कमजोरी नहीं, बल्कि एक शक्ति का प्रतीक है।”

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में खुली बातचीत और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
