महोत्सव एवं प्रदर्शनी पंडाल के तत्वाधान में पक्का तालाब स्थित एक मैरिज होम में 23वें आयुष सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद के वरिष्ठ आयुर्वेद अनुसंधान अधिकारी डॉ. अनिल मंगल ने किया।
अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. अनिल मंगल ने कहा कि आयुर्वेद का इतिहास पांच हजार साल पुराना है और यह हमारे स्वास्थ्य के लिए अनमोल धरोहर है। उन्होंने आयुर्वेद की महत्वता पर जोर देते हुए इसे दुनिया भर में प्रचलित करने की आवश्यकता बताई।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि डॉ. मनोज कुमार दीक्षित ने आयुर्वेद के क्षेत्र में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि युवा आयुर्वेद के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और इसे पूरी दुनिया में प्रसारित कर सकते हैं।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया। सिद्धि वर्मा और अग्रिमा ने शानदार नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया और कार्यक्रम में रंगीनी का समावेश किया।
सम्मेलन के दौरान डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. अरविंद कुशवाहा और डॉ. दिलीप गुप्ता ने आसपास उगने वाली औषधियों की पहचान के बारे में जानकारी दी और उनके उपयोग के लाभों पर चर्चा की।
इस कार्यक्रम में डॉ. अंबरीश अग्रवाल, योग प्रधान डॉ. श्रीकांत समेत अन्य विशेषज्ञों की उपस्थिति रही, जिन्होंने आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और इसे आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिए। इस सम्मेलन ने आयुर्वेद के महत्व को समझने और उसे जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
