इटावा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राखी चौहान ने छह साल पुराने दुष्कर्म के मामले में आरोपी मनोज को 10 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला 24 मार्च 2018 का है, जब एक व्यक्ति ने अपनी 14 साल की बेटी के साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट बकेवर थाने में दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, घटना के दिन 14 साल की लड़की शौच के लिए खेत गई थी, लेकिन जब वह देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। इसी दौरान सड़क किनारे खेत में लड़की के चीखने की आवाज सुनाई दी। जब परिजनों ने वहां पहुंचकर देखा, तो आरोपी मनोज को भागते हुए देखा और उसे पकड़ लिया। बाद में परिजनों ने मनोज को पकड़कर थाने पहुंचाया और घटना के बारे में पुलिस को बताया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मनोज निवासी अहिरानी, भरथना के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपपत्र पेश किया और मामले की जांच शुरू की। अदालत में गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश राखी चौहान ने आरोपी मनोज को दोषी ठहराया और उसे 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
यह मामला पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को कड़ी सजा का प्रावधान है। इस फैसले से समाज में एक संदेश गया है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
यह सजा पीड़िता और उसके परिवार के लिए एक बड़ी राहत है, वहीं आरोपी के लिए यह एक चेतावनी है कि ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
