इटावा। सीएमओ डॉ. गीताराम के आदेश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. यतेंद्र राजपूत ने चार झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। इन झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ यह कार्रवाई तब की गई जब निरीक्षण के दौरान उनके पास दवाइयां और मरीज भर्ती पाए गए थे। इन चिकित्सकों से चिकित्सीय प्रमाण पत्र मांगा गया था, लेकिन समय सीमा के भीतर वे प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाए, जिसके बाद उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।
डिप्टी सीएमओ डॉ. यतेंद्र राजपूत ने जानकारी दी कि इन चार चिकित्सकों को नोटिस दिया गया था और उन्हें एक माह का समय दिया गया था, लेकिन तय समय के बावजूद कोई प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद ही इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्णय लिया गया।
वहीं, भरथना के बंगाली नाम से नर्सिंग होम का संचालन कर रहे अमित कुमार, महेवा ब्लॉक के वाईपास स्थित श्रीश्याम हॉस्पिटल के वीरेंद्र सिंह, बकेवर के बाईपास स्थित एसएच हॉस्पिटल के राजा गुप्ता और इकदिल के मानिकपुर स्थित फैमिली केयर हॉस्पिटल के मोहम्मद नदीम इन मामलों में शामिल हैं। इन सभी ने चिकित्सीय प्रमाण पत्र दिखाने में विफलता दिखाई, जिसके बाद प्रशासन ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की है।
डिप्टी सीएमओ ने बताया कि यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत की गई है। झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा मरीजों के इलाज में लापरवाही और नियमों का उल्लंघन करने पर यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि इन चिकित्सकों को एक माह का समय दिया गया था, लेकिन डेढ़ माह का समय बीतने के बाद भी कोई प्रमाण पत्र नहीं प्राप्त हुआ।
इस कार्रवाई के बाद जिले में झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से कड़ी निगरानी रखी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सकों से यह अपील की है कि वे अपनी चिकित्सा सेवाओं को प्रमाणित करें, ताकि मरीजों को सही इलाज मिल सके और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
साथ ही डिप्टी सीएमओ ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार सख्त कदम उठाते रहेंगे। अब तक की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा।
