
पोलिंग पार्टियों को रवाना करते समय जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने निर्वाचन प्रक्रिया को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न कराने पर जोर दिया। जिला प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने और निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की निगरानी रहेगी। पोलिंग पार्टियों को आवश्यक निर्वाचन सामग्री के साथ निर्धारित मतदान केंद्रों पर पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तैयारियां की गई हैं।
आगरा खंड स्नातक निर्वाचन के अंतर्गत इटावा जनपद में कुल 19,951 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वहीं, शिक्षक निर्वाचन में 3,929 मतदाता मतदान के पात्र हैं। दोनों निर्वाचन के लिए जनपद में कुल 23,880 मतदाता पंजीकृत हैं।
मतदान के लिए जनपद में 14 मतदान केंद्रों पर 30 बूथ निर्धारित किए गए हैं। जिला प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने निर्धारित मतदान केंद्र की जानकारी प्राप्त कर समय से पहुंचें और मतदान की प्रक्रिया में भाग लें।
मतदान के दौरान प्रत्येक मतदाता को अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए मतदाता फोटो पहचान-पत्र (ईपीआईसी) प्रस्तुत करना होगा। जिन मतदाताओं के पास ईपीआईसी उपलब्ध नहीं है, वे निर्धारित वैकल्पिक पहचान-पत्रों में से किसी एक को प्रस्तुत कर सकते हैं।
वैकल्पिक पहचान-पत्रों में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों अथवा अन्य निजी औद्योगिक घरानों की ओर से कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान-पत्र भी निर्धारित नियमों के तहत मान्य होंगे।
सांसदों, विधायकों और पार्षदों को जारी सरकारी पहचान-पत्र, संबंधित शैक्षणिक संस्थान की ओर से जारी सेवा पहचान-पत्र तथा विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र भी निर्धारित वैकल्पिक पहचान-पत्रों में शामिल हैं। इसके साथ ही सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण-पत्र और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड भी निर्धारित सूची में शामिल हैं।
प्रशासन ने मतदाताओं से कहा है कि वे मतदान केंद्र पर पहुंचने से पहले अपना पहचान-पत्र अवश्य जांच लें, ताकि पहचान सत्यापन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत मतदान दिवस 23 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, संबंधित मतदान केंद्रों पर सामान्य शासकीय कार्य नहीं होगा। इन स्थलों पर केवल निर्वाचन संबंधी कार्य संपन्न कराए जाएंगे।
निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा आयोग के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिला प्रशासन ने स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे शुक्रवार को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे के बीच अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग करें। मतदाता अपने साथ आवश्यक पहचान-पत्र अवश्य लेकर आएं और मतदान प्रक्रिया में सहयोग करें।
प्रशासन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं की भागीदारी से निर्वाचन प्रक्रिया को सफल बनाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और मतदाताओं से सहयोग की अपेक्षा करते हुए निर्वाचन को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
