ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और आमजन को बीमारियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई की ओर से सेवा संकल्प पखवाड़े के अंतर्गत ग्राम झिंगुपुर में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के बाल रोग एवं पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग द्वारा आयोजित इस शिविर में कुल 100 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इनमें 30 बच्चे और 70 वयस्क शामिल रहे। शिविर के दौरान मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ जरूरत के अनुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया।

सेवा संकल्प पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों और वयस्कों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच की। बच्चों में होने वाली सामान्य बीमारियों और पोषण संबंधी कमियों पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि वयस्कों की स्वास्थ्य समस्याओं का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह प्रदान की गई। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर में बाल रोग विशेषज्ञों ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए सामान्य बीमारियों और पोषण संबंधी कमियों की पहचान पर ध्यान केंद्रित किया। बचपन में उचित पोषण और समय पर उपचार बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बच्चों के पोषण पर ध्यान देने, साफ-सफाई की आदतें अपनाने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय से चिकित्सक से संपर्क करने की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और परिवारों को उचित चिकित्सा मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में उपयोगी साबित होते हैं।
स्वास्थ्य शिविर में 70 वयस्कों का भी परीक्षण किया गया। चिकित्सकों ने उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी सेहत के प्रति लापरवाही न बरतने और किसी भी समस्या की स्थिति में योग्य चिकित्सक से सलाह लेने के लिए जागरूक किया गया।
शिविर में निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया, जिससे जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक स्तर पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और दवा वितरण को एक साथ उपलब्ध कराने का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
चिकित्सकीय सेवाओं के साथ शिविर में लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित पोषण और समय पर टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि साफ-सफाई की अच्छी आदतें अपनाने, पौष्टिक भोजन लेने और निर्धारित समय पर टीकाकरण कराने से कई बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलती है।
बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, स्वच्छ वातावरण और नियमित स्वास्थ्य देखभाल आवश्यक हैं। वहीं, वयस्कों के लिए भी साफ-सफाई, उचित खानपान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर जांच महत्वपूर्ण है। शिविर में इन विषयों पर जागरूकता बढ़ाकर ग्रामीणों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्राम झिंगुपुर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में डॉ. निशांत शर्मा, डॉ. तुल्लिका, डॉ. जिया, एमएसएसओ विकास बाजपेयी, डॉ. रफे रहमान, डॉ. खुशबू और नर्सिंग ऑफिसर कृष्ण माधव ने सक्रिय योगदान दिया। चिकित्सा दल ने मरीजों की जांच, परामर्श और स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित गतिविधियों में भाग लिया।
चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सहभागिता से शिविर में बच्चों तथा वयस्कों को स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। ऐसे कार्यक्रमों में चिकित्सा विशेषज्ञों की भागीदारी ग्रामीणों को सही जानकारी देने और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई की ओर से सेवा संकल्प पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित यह शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक पहल रहा। विश्वविद्यालय का उद्देश्य गांवों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है।
झिंगुपुर गांव में आयोजित शिविर में 30 बच्चों और 70 वयस्कों सहित कुल 100 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही, आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण कर लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित पोषण और समय पर टीकाकरण के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, जागरूकता और सुलभ चिकित्सा सेवाएं आवश्यक हैं।
