उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बुधवार को राजधानी लखनऊ में नगर निगम अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर अयोध्या के धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख संत-महंत, धर्माचार्य तथा गणमान्य व्यक्तियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस शिष्टाचार भेंट में संत समाज के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने पहुंचे अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी के साथ विभिन्न मठों, आश्रमों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े संत-महंत भी मौजूद रहे। इस दौरान महंत वैदेही बल्लभ शरण जी महाराज, जगद्गुरु स्वामी अनंताचार्य जी और बाबा रवि दास जी ने शिष्टाचार भेंट की। इसके अतिरिक्त महंत राजीव लोचन शरण जी, महंत हरिमोहन शरण जी, महंत वीरेन्द्र दास जी और महंत सनत दास जी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
भेंट के दौरान महंत लक्ष्मी नारायण दास जी और महंत संजीव दास जी सहित अन्य संतों ने भी सहभागिता की। संत समाज से संत किशोरी शरण जी तथा संत मिथिला बिहारी दास जी भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। इसके साथ ही डॉ. प्रभाकर शरण जी और योगेश त्रिपाठी जी ने भी शिष्टाचार भेंट में हिस्सा लिया। अयोध्या के धार्मिक एवं सामाजिक परिवेश से जुड़े इन प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस मुलाकात का प्रमुख पक्ष रही।
इस अवसर पर पटेल प्रगति समिति, अयोध्या के अध्यक्ष पी.एन. वर्मा भी मौजूद रहे। महापौर गिरीश पति त्रिपाठी के साथ सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधि की उपस्थिति ने इस शिष्टाचार मुलाकात में सामाजिक सहभागिता का पक्ष भी सामने रखा। अयोध्या प्रदेश का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जहां संत समाज की सामाजिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों की विशेष भूमिका रहती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अयोध्या के महापौर और संत-महंतों की यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट के रूप में हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में मुलाकात के दौरान किसी विशेष योजना, मांग, प्रस्ताव अथवा सरकारी निर्णय का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए इस भेंट को लेकर किसी विशेष घोषणा या निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर साझा की गई इस जानकारी में मुलाकात में शामिल सभी प्रमुख व्यक्तियों के नाम भी उल्लेखित किए गए। इस प्रकार राजधानी लखनऊ में हुई इस शिष्टाचार भेंट में अयोध्या के जनप्रतिनिधि, संत-महंत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि एक साथ उपस्थित रहे।
