इटावा। प्रखर समाजवादी चिंतक, महान स्वतंत्रता सेनानी और ओजस्वी राजनेता डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। सिविल लाइन स्थित पार्टी कार्यालय पर सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य बबलू के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डॉ. राम मनोहर लोहिया के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इसके बाद पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कंपनी गार्डन पहुंचे, जहां डॉ. लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। बाद में पार्टी कार्यालय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें उनके जीवन, संघर्ष, समाजवादी विचारधारा और सामाजिक परिवर्तन के लिए किए गए प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य बबलू ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया भारतीय राजनीति के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक समानता और समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि प्रखर समाजवादी चिंतक और ओजस्वी राजनेता भी थे। उन्होंने अपने विचारों और संघर्ष के माध्यम से समाज में व्याप्त असमानताओं को दूर करने तथा आम लोगों को सामाजिक और राजनीतिक अधिकार दिलाने की दिशा में लगातार प्रयास किया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि डॉ. लोहिया ने समाज में व्यापक बदलाव लाने के उद्देश्य से सप्तक्रांति का विचार प्रस्तुत किया था। उनके विचारों में पुरुष और महिला के बीच समानता, रंगभेद तथा नस्लीय भेदभाव का विरोध और जाति व्यवस्था का उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। डॉ. लोहिया का मानना था कि एक न्यायपूर्ण समाज की स्थापना तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिले तथा किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, लिंग, रंग या सामाजिक स्थिति के आधार पर भेदभाव न किया जाए। उनके विचार आज भी सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों की चर्चा में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने महात्मा गांधी के अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों को समाजवादी विचारधारा के साथ जोड़ने का कार्य किया। लोहिया का राजनीतिक चिंतन समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने, सामाजिक असमानताओं को चुनौती देने और आम जनता की आवाज को मजबूती देने पर केंद्रित था। उन्होंने राजनीति को केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम न मानकर सामाजिक बदलाव और जनहित से जोड़ने पर जोर दिया। उनके विचारों में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने की भावना प्रमुख थी।
प्रदीप शाक्य बबलू ने डॉ. लोहिया के भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिंदी के प्रति विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय भाषाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने के लिए लगातार आवाज उठाई। उनका मानना था कि देश की जनता को अपनी भाषा में विचार व्यक्त करने और शासन-प्रशासन से संवाद करने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने भाषा के सवाल को आम नागरिक की भागीदारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़कर देखा। इसी प्रकार जाति व्यवस्था के खिलाफ उनका संघर्ष सामाजिक न्याय की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास था। उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और भेदभाव को समाप्त करने तथा समानता पर आधारित व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के जीवन और उनके संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनके विचारों से सामाजिक न्याय, समानता, लोकतांत्रिक भागीदारी और जनहित की राजनीति को दिशा मिलती है। उन्होंने अपने जीवन में अन्याय और असमानता के खिलाफ आवाज उठाई तथा समाज के विभिन्न वर्गों के अधिकारों की बात की। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करना केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके विचारों और सिद्धांतों को समझने तथा सामाजिक जीवन में अपनाने का अवसर भी है।
कार्यक्रम के दौरान सपा जिलाध्यक्ष ने डॉ. लोहिया के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और उनके विचारों को वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि समाज में समानता, आपसी सम्मान और भेदभाव से मुक्त वातावरण स्थापित करने के लिए उनके सिद्धांतों को याद रखना जरूरी है। कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी डॉ. लोहिया के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर सपा प्रदेश सचिव के.पी. शाक्य, सपा जिला महासचिव वीरभान सिंह भदौरिया वीरू, एसआईआर प्रभारी उदयभान सिंह यादव, सपा प्रवक्ता विक्की गुप्ता, जिला सचिव प्रवीण कुशवाहा, प्रदीप सोनी, संतोष राजपूत जेई, बृजमोहन राजपूत प्रधान, सफीक अहमद बालक, पूर्व नगर अध्यक्ष नफीसुल हसन अंसारी, रामप्रकाश वर्मा, राजेश यादव, संतोष राठौर, महिला सभा की कोषाध्यक्ष नीतू सिंह, उपेंद्र यादव, विकास चौहान, अंकुर यादव, जमील अहमद सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. राम मनोहर लोहिया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके समाजवादी विचारों और सामाजिक समानता के संदेश को स्मरण किया।
