इटावा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कथित हिरासत के विरोध में सोमवार को इटावा में समाजवादी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के शास्त्री चौराहा पर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता एकत्र हुए और धरना देकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।

सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ‘बबलू’ के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। धरने में विधायक राघवेंद्र गौतम, प्रदेश सचिव गोपाल यादव सहित अन्य नेताओं ने भी भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए तथा अखिलेश यादव को तत्काल रिहा किए जाने की मांग उठाई।
धरने को संबोधित करते हुए सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। नेताओं का कहना था कि जनता के मुद्दों को उठाने वाले नेताओं पर कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा प्रभावित होती है।
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा और कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।
शास्त्री चौराहा पर धरने के कारण कुछ समय के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध दर्ज कराया और पार्टी नेतृत्व के समर्थन में एकजुटता दिखाई। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए रहा ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के प्रयासों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा। नेताओं ने कहा कि जनता के अधिकारों और लोकतंत्र की मजबूती के लिए समाजवादी पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन के अंत में सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाए और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
