महेवा (इटावा)। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेवा परिसर में ‘रक्तदाता समूह’ एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। मानव सेवा और जीवन रक्षा के उद्देश्य से आयोजित शिविर में स्थानीय नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, पत्रकारों और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। दिनभर चले शिविर में कुल 53 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इनमें 24 युवा ऐसे रहे, जिन्होंने पहली बार रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन बचाने की मुहिम में अपना योगदान दिया।

रक्तदान शिविर का शुभारंभ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेवा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक वर्मा, भूतपूर्व प्रभारी डॉ. गौरव त्रिपाठी एवं ‘रक्तदाता समूह’ के संरक्षक राजीव चौधरी ने फीता काटकर किया। शुभारंभ के दौरान रक्तदान के महत्व पर चर्चा की गई और लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने के लिए आगे आने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन बचाने वाला कदम साबित हो सकता है और समाज के प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को इस मानव सेवा से जुड़ना चाहिए।
शिविर में रक्तदान से पहले सभी इच्छुक रक्तदाताओं की चिकित्सकीय जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रक्तदाताओं का हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, रक्त समूह, वजन सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य मानकों की जांच की। जांच में रक्तदान के लिए पूर्ण रूप से स्वस्थ पाए गए लोगों से ही रक्तदान कराया गया। जिला अस्पताल इटावा से पहुंची विशेषज्ञ टीम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेवा के स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में रक्त संग्रह की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक वर्मा ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। किसी दुर्घटना में घायल व्यक्ति, गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज या थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे के लिए दान किया गया रक्त जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी ऐसे व्यक्ति के लिए मददगार हो सकता है, जिससे उसका कोई व्यक्तिगत परिचय भी नहीं होता। यही रक्तदान की सबसे बड़ी मानव सेवा है।
उन्होंने ‘रक्तदाता समूह’ और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आगे आकर रक्तदान करने की अपील की और कहा कि रक्तदान को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है।
शिविर में युवाओं और महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कुल 53 रक्तदाताओं में 24 युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया। पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं ने कहा कि चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञों की देखरेख में रक्तदान की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने अन्य युवाओं से भी रक्तदान के लिए आगे आने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेवा की महिला विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अंकिता, बैंक ऑफ बड़ौदा की असिस्टेंट मैनेजर कनक, आशा गुप्ता, अभिलाषा और आकांक्षा त्रिपाठी सहित अन्य लोगों ने भी रक्तदान कर अभियान में सहभागिता की। महिलाओं की भागीदारी से शिविर में उत्साह और बढ़ गया। आयोजकों ने कहा कि रक्तदान के प्रति महिलाओं और युवाओं में बढ़ती जागरूकता समाज के लिए सकारात्मक संदेश है।
रक्तदान करने वाले सभी 53 रक्तदाताओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेवा एवं ‘रक्तदाता समूह’ की ओर से प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और पौष्टिक रिफ्रेशमेंट देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले रक्तदाताओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में अपना योगदान देना उनके लिए गर्व की बात है। आयोजकों ने भी सभी रक्तदाताओं का आभार जताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के अभियानों में सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों को नियमित रक्तदान करने और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई। आयोजकों ने कहा कि रक्तदान को केवल एक दिन तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की आवश्यकता है। यदि अधिक संख्या में स्वस्थ लोग नियमित रूप से रक्तदान करें तो जरूरत के समय मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में काफी मदद मिल सकती है।
शिविर के सफल आयोजन में ‘रक्तदाता समूह’ के सदस्यों शरद तिवारी, सौरभ परिहार, राजीव नरुका, ठाकुर धनंजय सिंह, विमलेश तिवारी, आदित्य प्रताप एवं जीतू कुशवाहा सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समूह के सदस्यों ने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के साथ ही शिविर की व्यवस्थाओं को संभालने में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
जिला अस्पताल इटावा के रक्तदान केंद्र से डॉ. नवनीत कुमार, लैब टेक्नीशियन प्रतिमा, अर्जुन सिंह, अंकित बघेल, काउंसलर रजनी, अनिल चतुर्वेदी, राघवेंद्र, शिवम, सचिन एवं सुरेश सहित टीम के सदस्यों ने शिविर में पहुंचकर रक्त संग्रह एवं जांच संबंधी प्रक्रिया में सहयोग किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रक्तदाताओं की प्रारंभिक जांच से लेकर रक्त संग्रह तक की प्रक्रिया को चिकित्सकीय मानकों के अनुसार पूरा कराया।
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर आयोजित इस शिविर ने महेवा क्षेत्र में मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। 53 लोगों द्वारा स्वेच्छा से रक्तदान किया जाना और 24 युवाओं का पहली बार रक्तदान के लिए आगे आना शिविर की विशेष उपलब्धि रही। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा पुनीत कार्य है, जिसमें दान किए गए रक्त से किसी जरूरतमंद मरीज को नया जीवन मिल सकता है। स्वस्थ नागरिकों की सहभागिता से रक्तदान की मुहिम को और मजबूत किया जा सकता है।
