सैफई। महात्मा गांधी एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई में स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह एवं UPUMS एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन के अध्यक्ष शरद यादव के नेतृत्व में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता की। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने के साथ ही स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता को केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं माना, बल्कि इसे स्वस्थ समाज, अच्छे विचार और जिम्मेदार नागरिकता से जोड़ा। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण रहा। दोनों महान विभूतियों के विचार आज भी समाज को जिम्मेदारी और सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर UPUMS एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गांधी जी की स्वच्छता संबंधी सोच को वास्तविक रूप देने के लिए केवल विशेष अवसरों पर अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है। स्वच्छता को प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे चिकित्सा संस्थान में स्वच्छता का महत्व और भी अधिक है, क्योंकि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार, चिकित्सक, कर्मचारी और विद्यार्थी आते हैं। स्वच्छ वातावरण स्वास्थ्य और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
शरद यादव ने कहा कि स्वच्छता केवल परिसर की सफाई करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कूड़े को निर्धारित स्थान पर डालने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचारों को आत्मसात करते हुए स्वच्छता को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह ने भी विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ, स्वस्थ और बेहतर बनाए रखने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से निरंतर सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में स्वच्छता तभी स्थायी रूप ले सकती है, जब प्रत्येक व्यक्ति इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर पूरी गंभीरता से निभाए। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से सहयोग करें और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करें।
कुलपति ने कहा कि चिकित्सा संस्थान में स्वच्छता का सीधा संबंध मरीजों और उनके तीमारदारों के स्वास्थ्य से है। इसलिए अस्पताल एवं विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गांधी जी के स्वच्छता संदेश और शास्त्री जी की कर्तव्यनिष्ठा को अपने कार्य व्यवहार में अपनाने पर जोर दिया।
इसके बाद कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह एवं एसोसिएशन अध्यक्ष शरद यादव की सहभागिता में विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा परिसर के विभिन्न स्थानों पर साफ-सफाई की। इस दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में प्रति कुलपति डॉ. आदेश कुमार, कुलसचिव दीपक वर्मा, डीन डॉ. ऊषा शुक्ला, डॉ. रमाकांत यादव सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता, सेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि स्वच्छ परिसर न केवल संस्थान की बेहतर छवि प्रस्तुत करता है, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण तैयार करता है।
गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित यह स्वच्छता अभियान विश्वविद्यालय परिवार के लिए दोनों महान विभूतियों के विचारों को व्यवहार में उतारने का अवसर बना। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज और संस्थान की सामूहिक जिम्मेदारी है। UPUMS सैफई में स्वच्छ, स्वस्थ और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इसी भावना के साथ निरंतर प्रयास किए जाने पर जोर दिया गया।
