लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश में महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान दोनों नेताओं ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उन्नति के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी विचार-विमर्श किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मिशन शक्ति अभियान, महिला हेल्पलाइन सेवाएं, कन्या शिक्षा को बढ़ावा देने वाली योजनाएं तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित कार्यक्रमों का व्यापक प्रभाव प्रदेश में देखने को मिल रहा है।
वहीं, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने आयोग द्वारा प्रदेश भर में महिलाओं से जुड़े मामलों के निस्तारण, जागरूकता अभियानों और महिला अधिकारों की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने महिला आयोग की विभिन्न गतिविधियों, महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई तथा पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे कार्यों पर भी चर्चा की।
बैठक के दौरान महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, बालिकाओं की शिक्षा, महिला स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार साझा किए गए। प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग प्रदेश की महिलाओं की समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था के रूप में कार्य कर रहा है। आयोग महिलाओं से जुड़े मामलों की निगरानी करने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने का भी कार्य करता है। आयोग की ओर से समय-समय पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपर्णा यादव लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर सक्रिय रही हैं और महिला सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न मंचों पर अपनी बात रखती रही हैं। मुख्यमंत्री से उनकी यह शिष्टाचार भेंट प्रदेश में महिलाओं के विकास और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर संवाद और सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखी जा रही है।
मुलाकात के अंत में दोनों ने प्रदेश की महिलाओं के हितों की रक्षा, उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और समाज में उनकी भागीदारी को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने महिला आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए सभी संस्थाओं को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि प्रदेश की हर महिला स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस कर सके।
