ऊसराहार। दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ताखा तहसील और ऊसराहार क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। बारिश के चलते क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आधा दर्जन से अधिक कच्चे और कमजोर मकान धराशायी हो गए। मकानों के मलबे में दबकर कई परिवारों की गृहस्थी का सामान, खाद्यान्न और अन्य जरूरी वस्तुएं नष्ट हो गईं। वहीं, तेज बारिश और झंझावात के कारण ऊसराहार-भरथना मार्ग पर रम्मपुरा के समीप 33 केवी हाईटेंशन लाइन के तीन पोल टूट गए, जिससे ऊसराहार विद्युत उपकेंद्र की मुख्य सप्लाई ठप हो गई और दर्जनों गांवों में करीब 24 घंटे तक बिजली संकट बना रहा।

बारिश से बम्हनीपुर निवासी गुलाब सिंह का कच्चा मकान गिर गया। मकान के मलबे में गृहस्थी का पूरा सामान दबकर नष्ट हो गया। वहीं, विधवा रेनू देवी का मकान भी बारिश की चपेट में आकर धराशायी हो गया, जिससे उनके सामने रहने और जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है। नगरिया गुजराती निवासी दलवीर जाटव का मकान गिरने से घर का पूरा सामान मलबे में दब गया। बेघर हुए दलवीर और उनके परिवार के दो सदस्यों को प्रशासन एवं ग्रामीणों की मदद से पंचायत घर में ठहराया गया है।
इसके अलावा बम्हनीपुर निवासी शोभाराम पुत्र रामस्वरूप कमल, नगला खरक निवासी राजबहादुर, धर्मवीर पुत्र हरिराम कमल तथा बसंत पुत्र हरिराम निवासी बम्हनीपुर के मकान भी बारिश में गिर गए। इन परिवारों का खाद्यान्न और गृहस्थी का कीमती सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से क्षति का आकलन कराकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
तेज बारिश के साथ आए झंझावात के कारण ऊसराहार-भरथना मार्ग पर रम्मपुरा के समीप 33 केवी हाईटेंशन लाइन के तीन पोल टूटकर गिर गए। इससे शुक्रवार रात ऊसराहार विद्युत उपकेंद्र की मेन सप्लाई ठप हो गई। शनिवार को पूरे दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहने से क्षेत्र के दर्जनों गांव अंधेरे में रहे। बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति के साथ मोबाइल नेटवर्क जैसी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुईं। अवर अभियंता सतेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ लगातार बारिश के बीच मौके पर नए पोल लगवाने और विद्युत आपूर्ति बहाल कराने के प्रयास में जुटे रहे।
बारिश के कारण बेलाहार गांव में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की सड़क पर बनी पुलिया को कुछ लोगों द्वारा बंद कर दिया गया था, जिससे पानी की निकासी बाधित हो गई। निकासी बंद होने के कारण देखते ही देखते एक दर्जन से अधिक घरों और करीब 20 दुकानों में कई फीट तक पानी भर गया। इससे ग्रामीणों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा तथा दुकानदारों को आर्थिक नुकसान भी हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
