इटावा, 26 सितंबर। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण तथा विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों के ऋण प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहें और योजनाओं का लाभ युवाओं तक समय से पहुंचाया जाए।

बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अंतर्गत जनपद में हस्ताक्षरित 195 एमओयू की समीक्षा की गई। इन एमओयू के माध्यम से लगभग 2,346.22 करोड़ रुपये के निवेश के सापेक्ष 7,598 रोजगार सृजन प्रस्तावित हैं। अब तक 121 इकाइयों को GBC Ready किया जा चुका है और 97 इकाइयों द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया जा चुका है। सत्यापन के बाद पांच अतिरिक्त इकाइयों द्वारा भी उत्पादन शुरू किया गया है, जिससे वर्तमान में कुल 102 इकाइयां वाणिज्यिक उत्पादन कर रही हैं। जिलाधिकारी ने शेष GBC Ready इकाइयों में भी शीघ्र उत्पादन शुरू कराने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि GBC-5 के तहत निर्धारित 500 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 483 करोड़ रुपये यानी 96.6 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि योजना के तहत उद्योग एवं इकाई स्थापना के लिए लाभार्थियों को बैंक के माध्यम से पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में बैंक स्तर पर करीब 362 प्रकरण लंबित हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद का वार्षिक लक्ष्य 2,320 निर्धारित है। इसके सापेक्ष 1,296 आवेदन बैंकों को भेजे गए, जिनमें 519 स्वीकृत हुए और 513 प्रकरणों में ऋण वितरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को जल्द ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) वित्त पोषण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 168 लाख रुपये का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष 108 आवेदन प्राप्त हुए, 46 आवेदन बैंक को भेजे गए तथा 19 प्रकरणों में ऋण वितरण करते हुए 30.69 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया। जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को पात्र प्रकरणों में शीघ्र ऋण स्वीकृत एवं वितरित करने के निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 214 के लक्ष्य के सापेक्ष 84 आवेदन बैंक को भेजे गए, 28 स्वीकृत हुए और 24 प्रकरणों में ऋण वितरित किया जा चुका है। उन्होंने योजना की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में एक जनपद एक व्यंजन (ODOPC) योजना की भी समीक्षा की गई। जनपद में इसके अंतर्गत खीरेमोहन तथा मट्ठा के आलू एवं सरसों आधारित उत्पाद चयनित किए गए हैं। योजना के तहत 13 प्रकरणों का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष 39 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य रखा गया है। अब तक छह आवेदन प्रेषित किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने बैंक शाखाओं को आवंटित लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण सुनिश्चित करने और पात्र आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
सिलाई-कढ़ाई के लिए प्रस्तावित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की डीपीआर पर भी बैठक में चर्चा हुई। प्रस्तावित केंद्र में कॉमन प्रोडक्शन सेंटर, रॉ मैटेरियल बैंक, डिजाइन बैंक एवं डिस्प्ले सेंटर, पैकेजिंग, वॉशिंग व फिनिशिंग सुविधा तथा प्रशिक्षण केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। वर्तमान में सिलाई-कढ़ाई से जुड़े श्रमिकों की औसत दैनिक आय करीब 400 से 500 रुपये बताई गई, जबकि CFC के माध्यम से वैल्यू एडिशन, बेहतर डिजाइन, फिनिशिंग और पैकेजिंग की सुविधा मिलने पर इसे करीब 900 से 1,000 रुपये प्रतिदिन तक पहुंचने की संभावना जताई गई। प्रस्तावित CFC की अनुमानित लागत करीब सात से आठ करोड़ रुपये है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित CFC के संबंध में क्षेत्र का पुनः विस्तृत सर्वे कराया जाए और श्रमिकों व उद्यमियों से दोबारा फीडबैक लेकर उनकी वास्तविक आवश्यकताओं को डीपीआर में शामिल किए जाने की संभावना का परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि CFC का स्थान संबंधित क्लस्टर से अत्यधिक दूर नहीं होना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक श्रमिकों और उद्यमियों को इसका लाभ मिल सके। साथ ही पूर्व से संचालित CFC का स्थलीय भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, संचालन प्रक्रिया और उद्यमियों को मिल रहे लाभों का अध्ययन करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत लंबित छह फाइलों का भी शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि यदि किसी ऋण प्रस्ताव में कोई कमी है तो संबंधित विभाग और आवेदक से समन्वय कर उसकी पूर्ति कराते हुए फाइल को आगे बढ़ाया जाए।
बैठक में आगामी त्योहारों के मद्देनजर पटाखों की दुकानों और व्यापार को लेकर भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया कि पटाखा कारोबारियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों और आवश्यक सावधानियों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। सभी दुकानदारों से निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाए तथा इस संबंध में जागरूकता और निरीक्षण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और बैंकर्स को निर्देश दिए कि सरकार की प्राथमिकता वाली स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं में पात्र लाभार्थियों के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। बैंक शाखाएं निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप ऋण स्वीकृति और वितरण में तेजी लाएं तथा विभागीय अधिकारी बैंकर्स के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर योजनाओं की प्रगति में सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सभी विभागों एवं बैंकों को समन्वित और लक्ष्यपरक कार्रवाई करनी होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा, एलडीएम सतीश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद संतोष कुमार मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
