इटावा। सर मदनलाल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस परिवार की ओर से स्वर्गीय रामबेटी यादव, धर्मपत्नी स्वर्गीय मदनलाल जी यादव की चतुर्थ पुण्य स्मृति पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों एवं शुभचिंतकों ने स्वर्गीय रामबेटी यादव को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके स्नेहपूर्ण व्यक्तित्व, सरल स्वभाव और परिवार के प्रति समर्पण को स्मरण किया।
पुण्य स्मृति के अवसर पर परिजनों ने कहा कि स्वर्गीय रामबेटी यादव का जीवन पारिवारिक संस्कारों, स्नेह और समर्पण से परिपूर्ण रहा। उन्होंने परिवार को हमेशा एकजुट रखने के साथ ही अपने स्नेह और आत्मीय व्यवहार से सभी के दिलों में विशेष स्थान बनाया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उनके द्वारा दिए गए संस्कार और जीवन मूल्यों की छाप आज भी परिवार में दिखाई देती है। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और ममता परिवार के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान स्वर्गीय रामबेटी यादव के साथ बिताए गए पलों को याद करते हुए परिजन भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि किसी अपने के जीवन से जुड़ी स्मृतियां समय बीतने के साथ और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं। स्वर्गीय रामबेटी यादव की स्मृतियां भी परिवार के सदस्यों के मन में सदैव जीवंत रहेंगी। उनके स्नेहपूर्ण व्यवहार और परिवार के प्रति समर्पण को सभी ने श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर परिवार की ओर से दामाद विनोद यादव एवं उपासना यादव ने स्वर्गीय रामबेटी यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व और पारिवारिक योगदान को याद किया। वहीं पुत्र एवं पुत्रवधू डॉ. विवेक यादव, डॉ. प्रीति यादव, डॉ. विकास यादव एवं डॉ. अमिता यादव सहित नाती-नातिनों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। सभी ने कहा कि स्वर्गीय रामबेटी यादव के संस्कार और उनके द्वारा दिए गए जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
परिजनों ने बताया कि स्वर्गीय रामबेटी यादव ने अपने जीवन में परिवार को हमेशा प्राथमिकता दी और अपने स्नेह एवं त्याग से परिवार को मजबूत आधार प्रदान किया। उनकी स्मृतियां परिवार की आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहेंगी। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके जीवन को नमन किया।
कार्यक्रम के अंत में स्वर्गीय रामबेटी यादव की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। उपस्थित परिजनों एवं शुभचिंतकों ने उनके आदर्शों और संस्कारों को स्मरण करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। चतुर्थ पुण्य स्मृति के अवसर पर पूरा वातावरण भावुक एवं श्रद्धामय रहा।
