इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जनपद में संचालित विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने शासन की प्राथमिकता वाले निर्माण कार्यों की परियोजनावार समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भरथना बाईपास, 300 बेडेड स्त्री एवं प्रसूति चिकित्सालय (गायनी ब्लॉक), बकेवर-लखना-सिंदौस मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, पैरामेडिकल आवासीय एवं अनावासीय भवनों, इटावा जंक्शन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास तथा सैफई क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश प्राप्त हैं, इसलिए सभी कार्यदायी संस्थाएं निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता और मानकों का विशेष ध्यान रखें।
जिलाधिकारी ने जिला कारागार में 24 बंदी क्षमता वाली हाई सिक्योरिटी बैरक, टाइप-2 के 18 आवास, टाइप-4 आवास तथा डॉरमेट्री निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कारागार से जुड़ी परियोजनाएं सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सैफई क्षेत्र की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने 50 बेडेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक, ओपीडी भवन के बाहरी हिस्से में ग्राउंड फ्लोर से पांचवीं मंजिल तक रैंप निर्माण, 300 बेडेड गायनी ब्लॉक तथा पैरामेडिकल भवनों के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को आगामी एक-दो माह में पूरा किया जा सकता है, उन्हें विशेष अभियान चलाकर शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
बैठक में साइबर क्राइम थाने के प्रशासनिक भवन, अनुसूचित जाति छात्रावास सराय दयानत के मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य, महेवा विकासखंड के ग्राम झुगरी में सामुदायिक केंद्र, जिला संयुक्त चिकित्सालय में अग्निशमन व्यवस्था तथा विक्टोरिया हॉल के सौंदर्यीकरण सहित अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करते हुए निर्धारित समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
धार्मिक एवं पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने पिलुआ महावीर मंदिर पर यात्री गृह के सामने पार्क एवं पहुंच मार्ग विकास, रामायण क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर, सिद्धपीठ पथरी बाबा जसवंतनगर, शीतला देवी मंदिर बसेहर तथा सुमेर सिंह किला क्षेत्र में ईको-टूरिज्म विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय मामन हिम्मतपुर के निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्य की धीमी प्रगति और गुणवत्ता पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसकी निगरानी शासन स्तर पर भी की जा रही है। उन्होंने कार्यदायी संस्था को तत्काल गुणवत्ता में सुधार लाने और कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जीआईसी में इंडोर मिनी स्टेडियम, डायट में अतिरिक्त कक्ष, ऑडिटोरियम, शौचालय ब्लॉक एवं मीटिंग हॉल, पी.आर. राजकीय महाविद्यालय, ग्रामीण स्टेडियम तथा पुलिस लाइन में 200 पुरुषों की क्षमता वाली बैरक के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी नियमित स्थलीय निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि निर्माण कार्य केवल ठेकेदारों या मजदूरों के भरोसे न छोड़े जाएं।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि प्रत्येक सरकारी भवन और सार्वजनिक परियोजना का निर्माण इस प्रकार होना चाहिए कि उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता लंबे समय तक आमजन के हित में बनी रहे। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को नियमित मॉनीटरिंग करने, अनावश्यक विलंब रोकने और तय समय में परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रमेश चन्द्र सहित विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
