उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई में ‘सेवा संकल्प’ के अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना (JSY) को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं एवं प्रतिभागियों को जननी सुरक्षा योजना के उद्देश्य, पात्रता, लाभ तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव के महत्व की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के नेतृत्व एवं प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. कल्पना कुमारी के मार्गदर्शन में किया गया। JSY की नोडल अधिकारी डॉ. नूपुर मित्तल ने प्रतिभागियों को योजना के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।
जागरूकता सत्र में गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित प्रसव तथा प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु की उचित देखभाल के महत्व पर भी चर्चा की गई। महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने योजना से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे, जिनका चिकित्सकों द्वारा समाधान किया गया।
चिकित्सकों ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान समय पर चिकित्सकीय परामर्श और नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण है। सुरक्षित संस्थागत प्रसव से प्रसव के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित जटिलताओं से निपटने के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सजग करना और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में प्रो. सोनिया विश्वकर्मा, डॉ. शालिनी सिंह, डॉ. सारिका पांडे एवं डॉ. आकांक्षा शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ एवं जूनियर रेजिडेंट्स ने सक्रिय सहभागिता की। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक जानकारियां साझा कीं।
यूपीयूएमएस में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम ‘सेवा संकल्प’ के तहत सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ समाज की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा रहा। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के प्रति जागरूक करने के साथ ही सुरक्षित प्रसव, स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु के महत्व का संदेश दिया गया।
