जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में स्थानीय निकायों द्वारा संचालित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटरों की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद में कुल 6 एमआरएफ सेंटर प्रस्तावित हैं, जिनमें से वर्तमान में 3 संचालित हैं। उन्होंने शेष सेंटरों को शीघ्र पूर्ण कर सभी को क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए।
कम्पोजिट पिट निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत इटावा में प्रतिदिन लगभग 70 टन कचरे का निस्तारण किया जा रहा है, जबकि जसवंतनगर में 2 टन कचरा निस्तारित हो रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि “हैंड टू हैंड” प्रणाली पूर्ण रूप से लागू होने पर आगामी 6 माह में बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
उन्होंने नारियल अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए जानकारी एकत्र कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए तथा कूड़ा फेंकने वालों के विरुद्ध सख्त चालान कार्रवाई करने को कहा।
सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें सुलभ इंटरनेशनल को सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालय उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही शौचालयों पर प्रेरणादायक स्लोगन लिखवाने एवं नियमित मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा।

डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था की समीक्षा में पाया गया कि इटावा में 56%, जसवंतनगर में 59%, भरथना में 78% तथा लखना में 37% कूड़ा संग्रहण हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने मैनपावर बढ़ाकर संग्रहण प्रतिशत में वृद्धि करने और सभी वाहनों के नियमित संचालन के निर्देश दिए। साथ ही कूड़ा उठाने वाले वाहनों की नियमित धुलाई सुनिश्चित करने को भी कहा।
जिलाधिकारी ने छोटे नगर निकायों को “गार्बेज फ्री सिटी” बनाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए और कहा कि छोटे नगरों में यह लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने नगर पालिका इटावा को भी इस दिशा में सक्रियता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
राजस्व वसूली को लेकर उन्होंने निर्देश दिए कि मोहल्लों में जाकर जनवरी माह से अभियान चलाकर वसूली सुनिश्चित की जाए। साथ ही पुरवइया टोला के पास होलिका दहन स्थल पर फैले कूड़े को तत्काल हटाने और वहां स्थायी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के बंद होने पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इसके कारण गंदा पानी सीधे नदियों में जा रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग को शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रमुख चौराहों के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने पर भी जोर दिया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद संतोष कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी श्याम बचन सरोज सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
