नई दिल्ली। आधुनिक हवाई यात्रा में यात्रियों को होने वाली थकान, तनाव और शारीरिक जड़ता से राहत दिलाने के लिए एक अभिनव पहल सामने आई है। भूमि से करीब 35,000 फीट की ऊंचाई पर लंबी उड़ानों के दौरान शरीर सुस्त पड़ जाता है और मानसिक थकान भी बढ़ जाती है। ऐसे में अब “हवाई यात्रा के लिए योग” एक सरल और प्रभावी समाधान के रूप में उभर रहा है।
यह विशेष 5 मिनट का इन-फ्लाइट वेलनेस प्रोटोकॉल प्रतापराव जाधव द्वारा योग महोत्सव 2026 के दौरान लॉन्च किया गया। इस पहल का उद्देश्य योग के शाश्वत ज्ञान को हवाई जहाज के केबिन तक पहुंचाना है, जिससे यात्री अपनी सीट पर बैठे-बैठे ही खुद को तरोताजा और ऊर्जावान महसूस कर सकें।
इस प्रोटोकॉल को मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने विशेष रूप से नियमित हवाई यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है। यह एक त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी तरीका है, जिससे यात्री यात्रा के दौरान भी सक्रिय और संतुलित रह सकते हैं।
इस पहल पर प्रकाश डालते हुए मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “योग निवारक स्वास्थ्य और कल्याण का एक शक्तिशाली साधन है। यह इन-फ्लाइट योग प्रोटोकॉल हर परिस्थिति में—यहां तक कि 35,000 फीट की ऊंचाई पर भी—योग को सुलभ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, ताकि व्यक्ति यात्रा के दौरान सक्रिय, तनावमुक्त और संतुलित रह सकें।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल यात्रियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगी, बल्कि हवाई यात्रा के अनुभव को भी अधिक आरामदायक और सुखद बना सकती है।
