लखनऊ। कांशीराम जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने इशारों में आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की।
मायावती ने अपने बयान में कहा कि “सपा-कांग्रेस के दलित चमचे चुप रहें”, जिसे राजनीतिक विश्लेषक चंद्रशेखर आजाद पर परोक्ष हमला मान रहे हैं। उन्होंने कांशीराम जयंती के संदर्भ में अपने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और बहुजन आंदोलन की मूल विचारधारा पर चलने की अपील भी की।
राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसे आगामी चुनावी रणनीति और दलित वोट बैंक को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा से जोड़कर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि कांशीराम जयंती के मौके पर विभिन्न दलों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जहां बहुजन आंदोलन और सामाजिक न्याय के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाता है। ऐसे में नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो जाते हैं।
इस बयान के बाद आने वाले दिनों में सपा, कांग्रेस और अन्य दलों की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे प्रदेश की राजनीति और गरमा सकती है।
