नई दिल्ली। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लागू किए जा रहे “विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बुधवार को लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास ढांचे को “विकसित भारत @2047” के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप बनाना है।
मंत्री ने बताया कि इस अधिनियम के तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी। यह सुविधा उन परिवारों को मिलेगी, जिनके वयस्क सदस्य स्वेच्छा से अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए तैयार होंगे। इससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षा मजबूत होगी और वे विस्तारित रोजगार ढांचे में अधिक प्रभावी भागीदारी कर सकेंगे।
अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक ग्रामीण परिवार को राज्य द्वारा अधिसूचित वित्तीय वर्ष में कृषि के अनुकूल सर्वश्रेष्ठ मौसम के 60 दिनों के अतिरिक्त 25 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मौसमी बेरोजगारी की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
वहीं, अधिनियम की धारा 22 की उपधारा (4) के तहत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर राज्यों को वार्षिक आवंटन दिया जाएगा। यह योजना केंद्र प्रायोजित होगी, जिसमें पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर) के लिए केंद्र और राज्य के बीच निधि बंटवारा 90:10 रहेगा, जबकि अन्य राज्यों के लिए यह अनुपात 60:40 निर्धारित किया गया है।
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस मिशन हेतु 95,692.31 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटन माना जा रहा है। राज्यों की हिस्सेदारी को जोड़ने पर कुल कार्यक्रम परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, आय वृद्धि और समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त, अधिनियम की धारा 3(1) के तहत राज्य सरकारों को इसके लागू होने के छह महीने के भीतर योजना अधिसूचित करनी होगी। साथ ही धारा 4 के अनुसार, प्रत्येक वर्ष के लिए राज्यों का आवंटन केंद्र द्वारा निर्धारित वस्तुनिष्ठ मापदंडों के आधार पर तय किया जाएगा।
