नई दिल्ली। नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम का पाठ करते हुए जीवन की कठिन चुनौतियों से पार पाने के लिए आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साहस और दृढ़ संकल्प से परिपूर्ण व्यक्ति के लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं होता।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के बल पर सबसे कठिन बाधाओं को भी पार किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने भीतर की शक्ति को पहचानें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।
“जो व्यक्ति साहस और संकल्प से भरा हो, उसके लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं। आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के बल पर हम कठिन से कठिन चुनौतियों को पार कर सकते हैं।
एकोऽपि सिंहः साहस्रं यूथं मथ्नाति दन्तिनाम् ।
तस्मात् सिंहमिवोदारमात्मानं वीक्ष्य सम्पतेत्॥”
इस सुभाषित का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक सिंह में हजार हाथियों को परास्त करने की क्षमता होती है, उसी प्रकार मनुष्य को भी निडरता, साहस, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए तथा नेक कार्यों में संलग्न रहना चाहिए।
