बकेवर:- क्षेत्र होली की तैयारी जोरो पर है। गांवों में फाग की महफिलें सजने लगी हैं। टोलियां ढोलक की थाप, हरमोनियम व झीके की धुनों के बीच फाग गा रहे हैं। होली के लिए जमकर खरीदारी चल रही है। महिलाएं घरों में पापड़ और चिप्स तैयार कर रही है। वहीं, बाजार में रंग-गुलाल और पिचकारी की दुकानें सज गई हैं।
महेवा विकास खंड के ग्राम नगला खजुरिया में इस समय फाग का कार्यक्रम गाँव के ही अशोक शास्त्री, अभयराम,मास्टर जी,सुरेश चन्द्र,बृजेश भगत जी,होमसिंह,अखिलेश यादव,अमरसिंह व संतोष यादव नरसी द्वारा ग्रामीणों के घर घर जाकर फाग गायन का काम किया गया। यह प्राचीन रीति रिवाज का कार्यक्रम बैसे तो अब हर गाँव में बिलुप्त सा हो गया लेकिन फिर भी नयी पीढी के लोग आज भी इसको चलाने में गाँव के बुर्जुगों का सहारा लेकर प्रथा को आगे बढाने में जुटे हुए हैं।
होली पर फागुनी रंग निराला होता है। महेवा विकास खंड के बीहड़ पट्टी में होली पर फाग की अलग छाप है। इसकी झलक यमुना बेल्ट के गांव नंदगांवा, नवादा खुर्द , बहादुरपुर घार,नीलदेवता,लखनपुरा,ईकरी,बिधीपुरा,असदपुरा,बरौली,बिलहटी में भी फाग गायन के लोगों की टोलियां गाँव में देखी जा सकती है। त्योहार करीब आते ही फाग की जमातों ने फागुनी रंग जमाना शुरू कर दिया है।
