मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा प्रदेश में 06 से 12 जनवरी 2026 तक घना से अत्यंत घना कोहरा एवं शीत दिवस की चेतावनी जारी किए जाने के दृष्टिगत जिला प्रशासन इटावा ने शीतलहर/ठंड से बचाव हेतु विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों का ध्यान रखने की अपील की है।
जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि स्थानीय रेडियो, समाचार पत्र, टीवी एवं मोबाइल फोन के माध्यम से नियमित रूप से मौसम की जानकारी लेते रहें। कोयले की अंगीठी, मिट्टी तेल का चूल्हा, हीटर या ब्लोवर का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें तथा कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें, जिससे विषाक्त धुएं का जमाव न हो। शरीर को सूखा रखें, गीले कपड़े तुरंत बदलें। अत्यधिक ठंड के दिनों में घर में अलाव की व्यवस्था न होने पर सामुदायिक केंद्रों एवं आश्रय स्थलों का उपयोग करें, जहां प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था की गई है।
एडवाइजरी में कई परतों वाले गर्म कपड़े—ऊनी कपड़े, स्वेटर, टोपी, मफलर आदि—पहनने की सलाह दी गई है। ऊनी कपड़ों की कमी होने पर दो-तीन कपड़े एक के ऊपर एक पहनकर ठंड के प्रभाव को कम किया जा सकता है। अत्यधिक ठंड व कोहरे के दौरान छोटे बच्चों और बुजुर्गों को यथासंभव घर के अंदर रखने को कहा गया है। शरीर में ऊष्मा बनाए रखने के लिए पोषक आहार एवं गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें तथा धूप निकलने पर उसका लाभ लें।
हाइपोथर्मिया के लक्षण जैसे शरीर का असामान्य तापमान, भ्रम, स्मृति हानि, बेहोशी, अत्यधिक ठिठुरन, सुस्ती, थकान या तुतलाहट दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने की सलाह दी गई है। वहीं शीतदंश के लक्षण—हाथ-पैर की उंगलियों, कान या नाक का सुन्न पड़ना अथवा सफेद/पीले धब्बे उभरना—दिखने पर भी चिकित्सकीय सहायता लेने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपने आसपास अकेले रहने वाले पड़ोसियों, विशेषकर बुजुर्गों की जानकारी रखने और आवश्यकता पड़ने पर सहायता करने का आह्वान किया है। पालतू पशुओं व पक्षियों के बाड़ों को ऊष्मा-रोधी बनाने, खिड़की-दरवाजे ढकने के साथ पर्याप्त वेंटिलेशन रखने के निर्देश दिए गए हैं। सोते समय सिगड़ी, अलाव या अंगीठी बुझाकर सोने तथा बंद स्थानों में इन्हें जलाने से बचने की सलाह दी गई है। निराश्रित, असहाय, दिव्यांग, बीमार अथवा मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति ठंड से प्रभावित दिखें तो क्षेत्रीय लेखपाल या तहसील के माध्यम से निःशुल्क कंबल उपलब्ध कराने में सहयोग करने को कहा गया है।
शीतलहर से बचाव हेतु प्रमुख निर्देश
शीतलहर से पूर्व रेडियो/टीवी/समाचार पत्रों से मौसम पूर्वानुमान की जानकारी लें।
पर्याप्त सर्दियों के कपड़े पहनें और आवश्यक आपात आपूर्ति तैयार रखें।
शीतलहर के दौरान यथासंभव घर के अंदर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें।
ढीले, हल्के, विंडप्रूफ ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें; टाइट कपड़ों से बचें।
सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को ढककर रखें; दस्ताने, टोपी व मफलर का प्रयोग करें।
विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियां खाएं और गर्म तरल पेय पदार्थ नियमित लें।
त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए तेल या बॉडी क्रीम का प्रयोग करें।
बुजुर्गों, बच्चों और अकेले रहने वाले पड़ोसियों की देखभाल करें।
