उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूपीयूएमएस) में नवप्रवेशी एमबीबीएस बैच 2025 के ओरिएंटेशन कार्यक्रम के तहत एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर फार्माकोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एआई के सदस्य डॉ. अर्पित वर्मा ने “मेडिकल एजुकेशन एवं हेल्थकेयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर छात्रों को संबोधित किया।

अपने व्याख्यान में डॉ. वर्मा ने बताया कि कैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चिकित्सा शिक्षा, रोगों के निदान और रोगी देखभाल के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। उन्होंने एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से सीखने और उपचार प्रक्रिया को अधिक सटीक एवं कुशल बनाने के उदाहरण प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का आयोजन एलटी-2, एकेडमिक ब्लॉक, यूपीयूएमएस, सैफई में किया गया। यह सत्र कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के उस दृष्टिकोण के अनुरूप रहा, जिसके अंतर्गत विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एआई की स्थापना की जा रही है, ताकि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. वर्मा ने कहा, “एआई अब भविष्य नहीं—यह आने वाले डॉक्टरों के लिए नया स्टेथोस्कोप बन चुका है।”
