नगला खुमान के पास स्थित कांशीराम कॉलोनी की हालत बदतर हो चुकी है। यहां रहने वाले लोग गंदगी और अव्यवस्थाओं के बीच रहने को मजबूर हैं। गटर जाम हैं, सड़कों पर गड्ढे हैं और नालियां बजबजा रही हैं। हर ओर गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है, जिससे कॉलोनी में बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर वे अपनी फरियाद लेकर कहां जाएं?कांशीराम कॉलोनी का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के शासनकाल में किया गया था। यहां कुल 264 तीन मंजिला आवास बनाए गए थे, लेकिन देखरेख के अभाव में अब यह कॉलोनी अव्यवस्था का शिकार हो गई है।
कॉलोनी की सड़कें गड्ढों से भरी पड़ी हैं, जिनमें पानी जमा रहता है। पानी निकासी की व्यवस्था ठप हो चुकी है, जिससे गंदा पानी सड़कों और कॉलोनी के दोनों ओर भर जाता है। लोग उसी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इस जलभराव से मच्छरों की संख्या बढ़ रही है और बीमारियां फैल रही हैं।कॉलोनी में रहने वालों का कहना है कि वे बार-बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब यह कॉलोनी गरीबों के लिए बनी थी, तो अब इसे बदहाल क्यों छोड़ दिया गया है? प्रशासन की अनदेखी के चलते लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।