महाकुंभ स्नान के लिए गए पति, बेटे और देवर को झूठे हत्या के मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए एक महिला ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ सैफई को जांच के आदेश दिए हैं।
सैफई क्षेत्र के गांव रमैयापुर की रहने वाली सुनीता ने बताया कि वह अपने पति मुनीष और गांव के अन्य लोगों के साथ 18 फरवरी को ट्रेन से प्रयागराज महाकुंभ स्नान करने गई थी। इसी दौरान उसके परिवार के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया। सुनीता का आरोप है कि रंजिश के चलते पड़ोसियों ने उसके पति, बेटे और देवर को फंसाया है।
सुनीता ने बताया कि उसकी देवरानी कमलेश (पत्नी उमेश) ने 26 मई 2024 को पड़ोसी बृजमोहन के बेटे सनी उर्फ राहुल और दीपक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इन लोगों ने सुनीता के बेटे अभिषेक पर हमला कर उसका सिर फोड़ दिया था। इस मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट कोर्ट भेज दी थी।
महिला का आरोप है कि इसी रंजिश में सनी की मां विमला ने उसके पति को झूठे हत्या के मामले में फंसा दिया। सुनीता ने बताया कि 19 फरवरी को उनके परिवार के साथ मारपीट भी की गई थी। अब पुलिस ने बिना जांच किए ही उसके पति, बेटे और देवर को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एसएसपी ने संज्ञान लेते हुए सीओ सैफई को जांच का जिम्मा सौंपा है। अब पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। महिला ने उम्मीद जताई है कि न्याय मिलने पर उसके परिवार को झूठे केस से राहत मिलेगी।