इटावा। पिछले कुछ दिनों से मौसम में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं, जिसके चलते बर्फीली हवाएं लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग ठंड से बचने के उपाय ढूंढते नजर आ रहे हैं। बुधवार को एक बार फिर इटावा शहर कोहरे की चादर में लिपटा हुआ था, जिससे दृश्यता कम हो गई और वाहन चालकों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शहर में दिन की शुरुआत में घना कोहरा था, जिससे लोगों को आवागमन में समस्या हुई। इस बीच, मौसम विभाग के अनुसार, जिले का न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री बढ़कर 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री कम होकर 17.8 डिग्री पर पहुंचा।
कोहरे और ठंड के चलते शहर के प्रमुख स्थानों जैसे तहसील चौराहा, रामगंज चौराहा, शास्त्री चौराहा, स्टेशन बजरिया सहित कई जगहों पर लोग ठिठुरते हुए नजर आए। दिन चढ़ने के साथ ठंड का असर और बढ़ने लगा, जिससे सड़कों पर सन्नाटा छा गया और लोग केवल जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले।
वहीं, बस अड्डा और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते हुए दिखाई दिए। हालांकि, दोपहर दो बजे हलका सूरज निकला, लेकिन कोहरे और सर्दी के प्रभाव से राहत नहीं मिल सकी। सर्दी का सितम दिनभर जारी रहा और लोग ठंड से बचने के लिए घरों में ही दुबके रहे।
जिले के कई क्षेत्रों में कोहरे और ठंड के कारण किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में काम करने वाले लोग इस सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनकर काम करने को मजबूर हो गए हैं। कृषि विभाग के अनुसार, किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने फसलों को नुकसान से बचाने के लिए विशेष उपाय करें।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी ठंड के इसी दौर के जारी रहने की संभावना जताई है। लोग इन कड़ी ठंड से बचने के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन सर्दी के इस सत्र में राहत मिलना मुश्किल लग रहा है।
