इटावा। अधिशाषी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में वार्ड स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों को सक्रिय रूप से क्रियान्वित करने हेतु एक अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें वार्ड सभासद, क्षेत्रीय लेखपाल, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आशा-एएनएम कार्यकत्रियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय लेखपालों को वार्ड स्तरीय बैनर प्रदान किए गए। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी सूरज सिंह के निर्देश पर बाल संरक्षण अधिकारी सोहन गुप्ता ने बाल कल्याण की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, फास्टर केयर योजना, दत्तक ग्रहण योजना और बाल विवाह रोकथाम अभियान की जानकारी देते हुए बाल विवाह मुक्त वार्ड बनाने की शपथ दिलाई।

उन्होंने बताया कि जिन बच्चों के पिता या वैध संरक्षक की मृत्यु हो गई है, या गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं, या जेल में बंद हैं, ऐसे बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत ₹2,500 प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, जिन बच्चों के माता-पिता नहीं रहे हैं, उन्हें स्पॉन्सरशिप योजना के तहत ₹4,000 प्रतिमाह प्रदान किए जाते हैं। किसी भी समस्या के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल करने की सलाह दी गई।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम कुमार शाक्य ने यौन हिंसा, दुर्व्यवहार और बेसहारा बच्चों को संरक्षण प्रदान करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि गुमशुदा बच्चों का डेटा ट्रैक द मिसिंग चाइल्ड पोर्टल पर अपलोड किया जाता है, जिससे उन्हें खोजने में मदद मिलती है। उन्होंने विधवा पेंशन और नि:संतान दंपति के लिए दत्तक ग्रहण प्रक्रिया की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम में सभासद शरद बाजपेई, अविनाश कुशवाहा, प्रोबेशन कार्यालय से उमर मुर्तजा खान (आंकड़ा विश्लेषक), अशफाक अहमद (सहायक सह आंकड़ा प्रविष्टि प्रचालक), और राजेश कुमार राठौर (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
