शिक्षकों की विदाई समारोह में खण्ड शिक्षा अधिकारी ने कहा जीवन भर किए गए कार्य का मूल्यांकन होता

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ऊसराहार। जीवन की कुशलता को नौनिहालों में पिरोकर जो बालक का शैक्षिक और सामाजिक विकास करता है वहीं शिक्षक हैं, सेवानिवृत्ति कार्यक्रम जीवन भर किए गए कार्य का मूल्यांकन होता है, ताखा में शिक्षकों की विदाई समारोह में खंड शिक्षा अधिकारी ने यह बात कही।

ब्लाक संसाधन केंद्र मामन पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ब्लाक इकाई द्वारा आयोजित सेवानिवृत्त शिक्षकों की विदाई समारोह एवं कार्यकारिणी परिचय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी ताखा सर्वेश ने कहा कि विदाई का पल हमेशा भावुक करने वाला होता है, सेवाकाल में शिक्षक अपनी मेहनत से जिन नन्हे बच्चों को संस्कार, शिक्षा से जोड़ कर देश के कुशल नागरिक बनाने में योगदान देता है वहीं उसकी वास्तविक पूंजी होती है। बेसिक शिक्षा कार्यालय से सेवानिवृत शिक्षकों को समय से उनके समस्त देयकों और पेंशन को दिलाने के लिए वह बचन वद्ध है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के ब्लाक अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने कहा कि जिन वरिष्ठ शिक्षकों के मध्य रहकर सीखने का अवसर मिलता है वह जीवन की पूंजी हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षक समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देते रहते है।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक पहलवान सिंह, हरप्रसाद प्रजापति, दिनेश कुमार को प्रतीक चिह्न, शांल उड़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संरक्षक अनिल दुबे, ब्लाक महामंत्री विकास यादव, उपाध्यक्ष चंद्रकांत त्रिपाठी, राहुल राजपूत, सर्वेश कुमार, नितिन गुप्ता, राधाकृष्ण, विपिन चौहान, अवधेश राठौर, हरेन्द्र, एआरपी शैलेंद्र यादव, अनुज श्रीवास्तव, वृजेश पाल, प्रदीप यादव, लता कुमारी, प्रदीप बाबू, अनुराग यादव, अमित चौहान, हरेंद्र सिंह, जितेन्द्र सिंह,केशव, राघवेन्द्र, अनूप सत्संगी , तरुण कुमार गुप्ता, सचिन जितेंद्र संचालन कवि दीपक बघेल ने किया।

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